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पुलिस स्मृति दिवस पर वाराणसी में शहीदों को दी श्रद्धांजलि, आयुक्त मोहित अग्रवाल ने किया नमन
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर वाराणसी के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित समारोह में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद पुलिसकर्मियों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
वाराणसी, 21 अक्टूबर 2026। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन, कमिश्नरेट वाराणसी में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने देश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और जनसेवा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीद पुलिसकर्मियों को नमन किया। शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को याद किया गया। समारोह में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा त्याग, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से ओत-प्रोत रही है। उन्होंने बताया कि जनसेवा के उच्च आदर्शों को आत्मसात करते हुए कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीद पुलिसकर्मी सदैव अमर रहेंगे। उनका अदम्य साहस और देशभक्ति पुलिस बल को निरंतर प्रेरित करती रहेगी। इस अवसर पर नागरिकों की सुरक्षा, शांति व्यवस्था तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कर्तव्यों का निर्वहन करने का संकल्प दोहराया गया।
श्रद्धांजलि समारोह में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा 'दयालु', राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा, पुलिस महानिरीक्षक वैभव कृष्ण, अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा और अपर पुलिस आयुक्त अपराध राठौड़ किरीट कुमार हरिभाई सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर शहीदों के बलिदान को याद किया।
21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पर गश्त कर रही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की टुकड़ी पर चीनी सैनिकों ने घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में 10 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि सात जवान घायल हुए थे। उन्हीं वीर जवानों की स्मृति और देशभर में कर्तव्य के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों के सम्मान में प्रत्येक वर्ष इस दिन श्रद्धांजलि दी जाती है।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा त्याग, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से ओत-प्रोत रही है। उन्होंने बताया कि जनसेवा के उच्च आदर्शों को आत्मसात करते हुए कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीद पुलिसकर्मी सदैव अमर रहेंगे। उनका अदम्य साहस और देशभक्ति पुलिस बल को निरंतर प्रेरित करती रहेगी। इस अवसर पर नागरिकों की सुरक्षा, शांति व्यवस्था तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कर्तव्यों का निर्वहन करने का संकल्प दोहराया गया।
श्रद्धांजलि समारोह में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा 'दयालु', राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा, पुलिस महानिरीक्षक वैभव कृष्ण, अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा और अपर पुलिस आयुक्त अपराध राठौड़ किरीट कुमार हरिभाई सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर शहीदों के बलिदान को याद किया।
21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पर गश्त कर रही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की टुकड़ी पर चीनी सैनिकों ने घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में 10 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि सात जवान घायल हुए थे। उन्हीं वीर जवानों की स्मृति और देशभर में कर्तव्य के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों के सम्मान में प्रत्येक वर्ष इस दिन श्रद्धांजलि दी जाती है।