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पीलीभीत में 14.33 करोड़ रुपये की लागत से वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर बनकर तैयार, घायल बाघ-तेंदुओं को मिलेगा आधुनिक उपचार
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए पूरनपुर में 14.33 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर तैयार हो गया है।
पीलीभीत। बढ़ते हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष को नियंत्रित करने की दिशा में एक बड़ी पहल के तहत, पीलीभीत के पूरनपुर में 14.33 करोड़ रुपये की लागत से वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर बनकर तैयार हो गया है। इस केंद्र में जंगल से रेस्क्यू किए जाने वाले घायल या बीमार बाघों और तेंदुओं को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनके उपचार के लिए आधुनिक व्यवस्था की गई है। यह केंद्र वन्यजीवों के संरक्षण और आपातकालीन स्थितियों में उपचार के लिए महत्वपूर्ण साबित होने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में चार स्थानों पर ऐसे वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर तैयार किए गए हैं, जिनमें से पीलीभीट टाइगर रिजर्व के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। केंद्र में वन्यजीवों को सुरक्षित रखने और उनकी देखभाल के लिए आवश्यक सभी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। अब प्रशासन इस सेंटर के अत्याधुनिक उद्घाटन की तैयारी में जुटा है।
सेंटर के संचालन से घायल या बीमार वन्यजीवों को समय पर उपचार देने और उन्हें सुरक्षित रखने में काफी मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यह कदम क्षेत्र में वन्यजीवों के प्रबंधन और सुरक्षा को और मजबूत करने में सहायक होगा।
उत्तर प्रदेश में चार स्थानों पर ऐसे वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर तैयार किए गए हैं, जिनमें से पीलीभीट टाइगर रिजर्व के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। केंद्र में वन्यजीवों को सुरक्षित रखने और उनकी देखभाल के लिए आवश्यक सभी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। अब प्रशासन इस सेंटर के अत्याधुनिक उद्घाटन की तैयारी में जुटा है।
सेंटर के संचालन से घायल या बीमार वन्यजीवों को समय पर उपचार देने और उन्हें सुरक्षित रखने में काफी मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यह कदम क्षेत्र में वन्यजीवों के प्रबंधन और सुरक्षा को और मजबूत करने में सहायक होगा।