📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Oathmen
राजनीति
नेता उमंग सिंघार ने सरकार पर भागीरथपुरा जल जांच रिपोर्ट में दखल का आरोप
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 02 अक्टू. 2026, 02:01 PM
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नेता उमंग सिंघार ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने भागीरथपुरा दूषित पेयजल कांड की न्यायिक जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक होने से रोकने और प्रभावित करने की कोशिश की।
भागीरथपुरा में दूषित पेयजल कांड की न्यायिक जांच, जो मध्य प्रदेश में व्यापक सार्वजनिक चिंता का कारण बनी है, अब राज्य राजनीति में एक प्रमुख मुद्दा बन गया है। यह जांच तब शुरू की गई जब स्थानीय निवासियों ने प्रदूषित पानी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत की थी।
शुक्रवार को नेता उमंग सिंघार ने खुलकर कहा कि राज्य सरकार ने जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक होने से रोकने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने रिपोर्ट के निष्कर्षों को प्रभावित करने की कोशिश की, जिससे कांड की सच्चाई को मोड़ने का इरादा स्पष्ट हो गया।
अब तक सरकार ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आरोप प्रशासन की सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट प्रबंधन पर अतिरिक्त जांच को प्रेरित कर सकते हैं और पारदर्शिता की मांग को बढ़ा सकते हैं।
यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह विधायी या कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है, जिससे कांड की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता और अधिक उजागर होगी।
शुक्रवार को नेता उमंग सिंघार ने खुलकर कहा कि राज्य सरकार ने जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक होने से रोकने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने रिपोर्ट के निष्कर्षों को प्रभावित करने की कोशिश की, जिससे कांड की सच्चाई को मोड़ने का इरादा स्पष्ट हो गया।
अब तक सरकार ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आरोप प्रशासन की सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट प्रबंधन पर अतिरिक्त जांच को प्रेरित कर सकते हैं और पारदर्शिता की मांग को बढ़ा सकते हैं।
यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह विधायी या कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है, जिससे कांड की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता और अधिक उजागर होगी।