📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Slyronit
स्वास्थ्य
सेंट्रल दिल्ली के एक चौथाई किशोरों में नींद की कमी, अध्ययन में पता चला
✍️ Mid-Day
🗓 20 अग. 2026, 02:30 PM
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एक हालिया अध्ययन के अनुसार सेंट्रल दिल्ली में रहने वाले एक चौथाई किशोरों को पर्याप्त नींद नहीं मिल रही है।
मिड‑डे द्वारा प्रकाशित अध्ययन ने सेंट्रल दिल्ली में रहने वाले किशोरों का सर्वेक्षण किया और पाया कि उनमें से एक चौथाई को पर्याप्त नींद नहीं मिल रही है। यह शोध राजधानी क्षेत्र के युवाओं में अनुशंसित नींद की मात्रा से लगातार कम रहने की बड़ी समस्या को उजागर करता है।
किशोरों में नींद की कमी से संज्ञानात्मक कार्य में गिरावट, मूड में अस्थिरता और मोटापा व उच्च रक्तचाप जैसी दीर्घकालिक बीमारियों का जोखिम बढ़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार नींद की कमी से शैक्षणिक प्रदर्शन और समग्र स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।
स्वास्थ्य अधिकारी और शिक्षकों से अनुरोध किया गया है कि वे नियमित नींद के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाएँ। स्कूल‑आधारित कार्यक्रम, माता‑पिता की मार्गदर्शन और सामुदायिक outreach जैसी पहलें सेंट्रल दिल्ली के किशोरों के लिए स्वस्थ नींद के शेड्यूल को प्रोत्साहित कर सकती हैं।
किशोरों में नींद की कमी से संज्ञानात्मक कार्य में गिरावट, मूड में अस्थिरता और मोटापा व उच्च रक्तचाप जैसी दीर्घकालिक बीमारियों का जोखिम बढ़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार नींद की कमी से शैक्षणिक प्रदर्शन और समग्र स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।
स्वास्थ्य अधिकारी और शिक्षकों से अनुरोध किया गया है कि वे नियमित नींद के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाएँ। स्कूल‑आधारित कार्यक्रम, माता‑पिता की मार्गदर्शन और सामुदायिक outreach जैसी पहलें सेंट्रल दिल्ली के किशोरों के लिए स्वस्थ नींद के शेड्यूल को प्रोत्साहित कर सकती हैं।