📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joydeep
कृषि
ओडिशा ने 2026 समिट में पोषक चावल के लिए बाजार‑उन्मुख पारिस्थितिकी तंत्र शुरू किया
✍️ Pragativadi
🗓 03 अक्टू. 2026, 09:17 PM
👁 13
ओडिशा सरकार ने 2026 के प्रमुख समिट में स्वस्थ और पोषक चावल की पैदावार के लिए बाजार‑उन्मुख पारिस्थितिकी तंत्र की घोषणा की।
2026 के एक प्रमुख समिट में ओडिशा राज्य सरकार ने स्वस्थ और पोषक चावल की पैदावार को बढ़ावा देने के लिए एक बाजार‑उन्मुख पारिस्थितिकी तंत्र का अनावरण किया। इस पहल का उद्देश्य किसानों, प्रसंस्करण इकाइयों और रिटेलरों को जोड़ते हुए एक व्यवस्थित मूल्य श्रृंखला बनाना है, जिससे पोषक‑सम्पन्न चावल की किस्मों को उगाने में प्रोत्साहन मिले।
अधिकारियों ने बताया कि यह पारिस्थितिकी तंत्र मौजूदा कृषि अनुसंधान का उपयोग करेगा और बेहतर बीज व प्रथाओं को अपनाने वाले किसानों को बाजार‑प्रेरित प्रोत्साहन प्रदान करेगा। उत्पादन को पोषक‑सम्पन्न खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के साथ संरेखित करके, यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और पोषण संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने का लक्ष्य रखती है।
यह लॉन्च ओडिशा की कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने और राष्ट्रीय पोषण लक्ष्यों में योगदान देने की व्यापक रणनीति को दर्शाता है। अनुसंधान संस्थानों, निजी कृषि कंपनियों और किसान समूहों के प्रतिनिधियों के सहयोग से इस ढांचे को आने वाले महीनों में लागू किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह पारिस्थितिकी तंत्र मौजूदा कृषि अनुसंधान का उपयोग करेगा और बेहतर बीज व प्रथाओं को अपनाने वाले किसानों को बाजार‑प्रेरित प्रोत्साहन प्रदान करेगा। उत्पादन को पोषक‑सम्पन्न खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के साथ संरेखित करके, यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और पोषण संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने का लक्ष्य रखती है।
यह लॉन्च ओडिशा की कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने और राष्ट्रीय पोषण लक्ष्यों में योगदान देने की व्यापक रणनीति को दर्शाता है। अनुसंधान संस्थानों, निजी कृषि कंपनियों और किसान समूहों के प्रतिनिधियों के सहयोग से इस ढांचे को आने वाले महीनों में लागू किया जाएगा।