📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vin99 (talk)
टेक्नोलॉजी
ओडिशा ने नया ‘सिलिकॉन वैली’ खोला, मिली 23,600 करोड़ की सेमीकंडक्टर प्रस्ताव
✍️ Business Standard
🗓 19 सित. 2026, 05:32 AM
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ओडिशा सरकार ने ‘सिलिकॉन वैली’ नामक तकनीकी केंद्र का उद्घाटन किया और 23,600 करोड़ रुपये के सेमीकंडक्टर प्रस्ताव प्राप्त किए।
ओडिशा राज्य ने इस हफ्ते अपने पहले ‘सिलिकॉन वैली’ के रूप में एक नया तकनीकी परिसर का उद्घाटन किया। यह घोषणा राजधानी में आयोजित समारोह में की गई, जहाँ अधिकारियों ने इस पार्क के उन्नत निर्माण और अनुसंधान पर केंद्रित होने को रेखांकित किया।
उद्घाटन के तुरंत बाद, सरकार ने बताया कि उसे सेमीकंडक्टर परियोजनाओं के प्रस्ताव मिले हैं, जिनकी कुल मूल्य 23,600 करोड़ रुपये है। इन प्रस्तावों में घरेलू कंपनियों और बहुराष्ट्रीय निगमों दोनों का शामिल होना बताया गया, जो राज्य में डिजाइन, फॅब्रिकेशन और परीक्षण सुविधाएँ स्थापित करना चाहते हैं।
राज्य के अधिकारियों का मानना है कि यह केंद्र हजारों उच्च‑कुशल नौकरियों का सृजन करेगा और भारत के सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में ओडिशा को एक प्रमुख कड़ी बना देगा। विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन अगले तिमाही में शुरू होने की योजना है, जबकि निर्माण कार्य अगले साल की शुरुआत में शुरू हो सकता है।
यह पहल केंद्र सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान और आयातित चिप्स पर निर्भरता घटाने के लक्ष्य के साथ मेल खाती है। यदि प्रस्ताव वास्तविकता बनते हैं, तो ओडिशा को निर्यात आय और इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन सेवाओं जैसे सहायक उद्योगों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।
उद्घाटन के तुरंत बाद, सरकार ने बताया कि उसे सेमीकंडक्टर परियोजनाओं के प्रस्ताव मिले हैं, जिनकी कुल मूल्य 23,600 करोड़ रुपये है। इन प्रस्तावों में घरेलू कंपनियों और बहुराष्ट्रीय निगमों दोनों का शामिल होना बताया गया, जो राज्य में डिजाइन, फॅब्रिकेशन और परीक्षण सुविधाएँ स्थापित करना चाहते हैं।
राज्य के अधिकारियों का मानना है कि यह केंद्र हजारों उच्च‑कुशल नौकरियों का सृजन करेगा और भारत के सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में ओडिशा को एक प्रमुख कड़ी बना देगा। विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन अगले तिमाही में शुरू होने की योजना है, जबकि निर्माण कार्य अगले साल की शुरुआत में शुरू हो सकता है।
यह पहल केंद्र सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान और आयातित चिप्स पर निर्भरता घटाने के लक्ष्य के साथ मेल खाती है। यदि प्रस्ताव वास्तविकता बनते हैं, तो ओडिशा को निर्यात आय और इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन सेवाओं जैसे सहायक उद्योगों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।