📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Todd Dailey from Santa Clara, CA, United States
टेक्नोलॉजी
एनवीडिया ने गूगल और एमराल्ड एआई के साथ शक्ति‑सहज डेटा सेंटर के लिए साझेदारी की
✍️ Asianet Newsable
🗓 21 सित. 2026, 05:15 AM
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एनवीडिया ने गूगल और एमराल्ड एआई के साथ मिलकर लचीले डेटा‑सेंटर तकनीक विकसित करने का एलान किया, जो ग्रिड स्थितियों के अनुसार ऊर्जा उपयोग को समायोजित कर एआई की बढ़ती बिजली की मांग को कम करेगा।
एनवीडिया ने गूगल और एमराल्ड एआई के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की, जिसका उद्देश्य एआई कार्यभार द्वारा उत्पन्न बढ़ती बिजली की कमी को दूर करना है। इस गठबंधन के तहत एक लचीला डेटा‑सेंटर ढांचा तैयार किया जाएगा, जो ग्रिड की वास्तविक‑समय स्थितियों के अनुसार ऊर्जा उपयोग को समायोजित कर सकेगा, जिससे एआई प्रशिक्षण और निष्पादन की ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी।
गूगल की क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञता और एमराल्ड एआई के ग्रिड‑प्रतिक्रियात्मक एल्गोरिदम को एनवीडिया के जीपीयू और एआई हार्डवेयर के साथ एकीकृत किया जाएगा। डेटा‑सेंटर ग्रिड संकेतों के आधार पर पावर खपत को नियंत्रित कर बैक‑अप जनरेटर पर निर्भरता घटा सकते हैं और कुल कार्बन उत्सर्जन को कम कर सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सतत एआई विस्तार के लिए आवश्यक है, क्योंकि उच्च‑प्रदर्शन कंप्यूटिंग की मांग पारंपरिक पावर‑ग्रिड क्षमताओं से आगे बढ़ रही है। एनवीडिया ने इस साल के अंत तक पायलट परियोजनाओं की उम्मीद जताई है, जबकि व्यापक कार्यान्वयन ग्रिड‑प्रतिक्रियात्मक तकनीकों के परिपक्व होने पर होगा।
यह सहयोग प्रमुख तकनीकी कंपनियों के पर्यावरणीय चिंताओं को संबोधित करने के नए दृष्टिकोण को भी दर्शाता है, जिससे व्यावसायिक एआई विकास राष्ट्रीय ऊर्जा‑दक्षता लक्ष्यों के साथ संरेखित हो सके।
गूगल की क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञता और एमराल्ड एआई के ग्रिड‑प्रतिक्रियात्मक एल्गोरिदम को एनवीडिया के जीपीयू और एआई हार्डवेयर के साथ एकीकृत किया जाएगा। डेटा‑सेंटर ग्रिड संकेतों के आधार पर पावर खपत को नियंत्रित कर बैक‑अप जनरेटर पर निर्भरता घटा सकते हैं और कुल कार्बन उत्सर्जन को कम कर सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सतत एआई विस्तार के लिए आवश्यक है, क्योंकि उच्च‑प्रदर्शन कंप्यूटिंग की मांग पारंपरिक पावर‑ग्रिड क्षमताओं से आगे बढ़ रही है। एनवीडिया ने इस साल के अंत तक पायलट परियोजनाओं की उम्मीद जताई है, जबकि व्यापक कार्यान्वयन ग्रिड‑प्रतिक्रियात्मक तकनीकों के परिपक्व होने पर होगा।
यह सहयोग प्रमुख तकनीकी कंपनियों के पर्यावरणीय चिंताओं को संबोधित करने के नए दृष्टिकोण को भी दर्शाता है, जिससे व्यावसायिक एआई विकास राष्ट्रीय ऊर्जा‑दक्षता लक्ष्यों के साथ संरेखित हो सके।