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रूपनगर: कर्मचारियों और पेंशनरों का लंबित डीए तुरंत जारी करे पंजाब सरकार, कर्मचारी दल ने दी आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारी दल पंजाब भगड़ाणा के जिला रूपनगर के अध्यक्ष गुरबचन सिंह बेली ने पंजाब सरकार से कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते सहित अन्य लंबित मांगों को तुरंत पूरा करने की मांग की है।
रूपनगर, 6 सितंबर (संदीप कुमार जोशी)। कर्मचारी दल पंजाब भगड़ाणा के जिला रूपनगर के अध्यक्ष गुरबचन सिंह बेली ने पंजाब सरकार से कर्मचारियों और पेंशनरों का लंबित महंगाई भत्ता (डीए) तुरंत जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य का कर्मचारी और पेंशनर वर्ग अपने हक के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है, लेकिन सरकार उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है, जिससे उनके भीतर भारी रोष व्याप्त है।
गुरबचन सिंह बेली ने कर्मचारियों की जायज मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए, महंगाई भत्ते की लंबित किस्तें तुरंत जारी की जाएं और प्रोबेशन अवधि के दौरान पूरी तनख्वाह दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने 15/01/2015 और 17/07/2020 के पत्रों को रद्द करने, पेंशनरों के लिए 2.59 का गुणांक लागू करने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर धरने और प्रदर्शन करने की बात कही।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार कर्मचारियों को उनका हक देने के बजाय उनके नेताओं के तबादले कर रही है। बेली ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी और पेंशनर अब मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार की ऐसी कार्रवाइयों से डरने वाले नहीं हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें पूरी नहीं कीं, तो आगामी विधानसभा चुनावों में यह वर्ग सरकार को सत्ता से बाहर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
गुरबचन सिंह बेली ने कर्मचारियों की जायज मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए, महंगाई भत्ते की लंबित किस्तें तुरंत जारी की जाएं और प्रोबेशन अवधि के दौरान पूरी तनख्वाह दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने 15/01/2015 और 17/07/2020 के पत्रों को रद्द करने, पेंशनरों के लिए 2.59 का गुणांक लागू करने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर धरने और प्रदर्शन करने की बात कही।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार कर्मचारियों को उनका हक देने के बजाय उनके नेताओं के तबादले कर रही है। बेली ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी और पेंशनर अब मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार की ऐसी कार्रवाइयों से डरने वाले नहीं हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें पूरी नहीं कीं, तो आगामी विधानसभा चुनावों में यह वर्ग सरकार को सत्ता से बाहर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।