📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sridhar Rao
रक्षा
पिर पंजल में नई आतंकविरोधी रणनीति लागू, आतंकियों की आवाजाही रोकी जाएगी
✍️ The Indian Express
🗓 20 सित. 2026, 07:01 AM
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सुरक्षा बलों ने पिर पंजल क्षेत्र में नई कार्ययोजना शुरू की है, जिससे आतंकियों की जम्मू‑कश्मीर में आवाजाही रोकी जा सके, अधिकारियों ने बताया।
पिर पंजल पहाड़ी क्षेत्र में नई सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं, जो जम्मू और कश्मीर घाटी को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग की निगरानी को मजबूत करेंगे। इस योजना में उन्नत निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया दल और कड़ी चेकपॉइंट नियंत्रण शामिल हैं, जिससे आतंकियों को बिना पकड़े क्षेत्र में घुसपैठ करने से रोका जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह रणनीति खुफिया जानकारी को वास्तविक‑समय निगरानी के साथ जोड़ती है। मोबाइल गश्त इकाइयाँ नाइट‑विजन उपकरणों से लैस होकर स्थायी चौकीयों के साथ मिलकर काम करेंगी, जिससे कवरेज में कोई खाली जगह न रहे।
यह कदम उन खुफिया चेतावनियों के बाद आया है, जिनमें पिर पंजल के पास के पासों में आतंकियों की बढ़ती आवाजाही का संकेत मिला था। जबकि तैनाती के विवरण गोपनीय रखे गए हैं, अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया है कि ये उपाय नागरिक जीवन को सुरक्षित रखते हुए सामान्य यातायात में बाधा नहीं डालेंगे।
सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभ्यास भी शुरू किए हैं, ताकि समन्वय सुगम हो सके। नई रूपरेखा कुछ हफ्तों में पूरी तरह कार्यान्वित होने की उम्मीद है, जो जम्मू‑कश्मीर क्षेत्र की स्थिरता के व्यापक प्रयास में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह रणनीति खुफिया जानकारी को वास्तविक‑समय निगरानी के साथ जोड़ती है। मोबाइल गश्त इकाइयाँ नाइट‑विजन उपकरणों से लैस होकर स्थायी चौकीयों के साथ मिलकर काम करेंगी, जिससे कवरेज में कोई खाली जगह न रहे।
यह कदम उन खुफिया चेतावनियों के बाद आया है, जिनमें पिर पंजल के पास के पासों में आतंकियों की बढ़ती आवाजाही का संकेत मिला था। जबकि तैनाती के विवरण गोपनीय रखे गए हैं, अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया है कि ये उपाय नागरिक जीवन को सुरक्षित रखते हुए सामान्य यातायात में बाधा नहीं डालेंगे।
सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभ्यास भी शुरू किए हैं, ताकि समन्वय सुगम हो सके। नई रूपरेखा कुछ हफ्तों में पूरी तरह कार्यान्वित होने की उम्मीद है, जो जम्मू‑कश्मीर क्षेत्र की स्थिरता के व्यापक प्रयास में एक महत्वपूर्ण कदम है।