📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amitabha Gupta
धर्म
नागौर के 1000‑वर्षीय गोपीनाथ मंदिर में खंडित मूर्ति की पूजा की परंपरा
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 17 सित. 2026, 03:16 PM
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नागौर के प्राचीन गोपीनाथ मंदिर में शताब्दियों से खंडित मूर्ति की पूजा की जाती है, जो मध्यकालीन हमले के दौरान टूटे हुए प्रतिमा से जुड़ी परंपरा है।
नागौर, राजस्थान में स्थित श्री गोपीनाथ मंदिर का अनुमान है कि यह एक हजार वर्ष से अधिक पुराना है। मंदिर के रिकॉर्ड और स्थानीय पुजारियों के अनुसार, भगवान गोपीनाथ की प्रतिमा मध्यकालीन हमले के दौरान टूट गई थी। तब से ही खंडित प्रतिमा की पूजा का अनूठा रीति-रिवाज़ जारी है।
भक्त खंडित मूर्ति के चारों ओर प्रार्थना करते हैं और अनुष्ठान करते हैं, यह मानते हुए कि इस भक्ति से देवता की उपस्थिति फिर से स्थापित होती है। पुजारियों का कहना है कि यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी बनी रही है, जिससे मंदिर का ऐतिहासिक महत्व बना रहा है।
इस अनोखी पूजा पद्धति ने गोपीनाथ मंदिर को एक विशिष्ट पहचान दिलाई है और यहाँ आने वाले तीर्थयात्रियों को आकर्षित करती है। प्रतिमा अधूरी होने के बावजूद, मंदिर का परिसर नागौर में धार्मिक गतिविधियों का एक जीवंत केंद्र बना हुआ है।
भक्त खंडित मूर्ति के चारों ओर प्रार्थना करते हैं और अनुष्ठान करते हैं, यह मानते हुए कि इस भक्ति से देवता की उपस्थिति फिर से स्थापित होती है। पुजारियों का कहना है कि यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी बनी रही है, जिससे मंदिर का ऐतिहासिक महत्व बना रहा है।
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