📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
स्थानीय
झालावाड़ के पिडावा में कई झटके, स्कूलों में छुट्टी
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 15 सित. 2026, 03:31 PM
👁 14
झालावाड़ के पिडावा क्षेत्र में मंगलवार सुबह लगभग ढाई घंटे में तीन बार तीव्र झटके महसूस हुए, जिससे लोगों ने घर बाहर निकला और कुछ इमारतों में दरारें आईं।
मंगलवार सुबह राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिडावा क्षेत्र के कई गांवों में लगभग ढाई घंटे के अंतराल में तीन बार तीव्र झटके महसूस किए गए। इन झटकों को स्थानीय लोग भूकंप जैसा बताया, जिससे कई लोगों ने घर से बाहर निकल कर सुरक्षित स्थान खोजा।
प्राथमिक जांच में कुछ घरों की दीवारों और छतों में दरारें पाई गई हैं, परंतु अब तक कोई चोटिल होने की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय अधिकारियों को सूचना दे दी गई है और वे आगे के किसी भी झटके की निगरानी कर रहे हैं।
सुरक्षा कारणों से प्रभावित गांवों के स्कूलों को उस दिन के लिए बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि वे क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करें और किसी भी अतिरिक्त झटके की सूचना नजदीकी पुलिस थाने में दें।
जिला प्रशासन राज्य आपदा प्रबंधन टीम के साथ मिलकर क्षति का आकलन कर रहा है और आवश्यक राहत उपायों पर विचार कर रहा है। अपडेट स्थानीय मीडिया और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से जारी किए जाएंगे।
झटकों के कारण पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, पर यह घटना उन क्षेत्रों में भी भूकंपीय जोखिम के प्रति सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करती है जहाँ traditionally भूकंप नहीं होते।
प्राथमिक जांच में कुछ घरों की दीवारों और छतों में दरारें पाई गई हैं, परंतु अब तक कोई चोटिल होने की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय अधिकारियों को सूचना दे दी गई है और वे आगे के किसी भी झटके की निगरानी कर रहे हैं।
सुरक्षा कारणों से प्रभावित गांवों के स्कूलों को उस दिन के लिए बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि वे क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करें और किसी भी अतिरिक्त झटके की सूचना नजदीकी पुलिस थाने में दें।
जिला प्रशासन राज्य आपदा प्रबंधन टीम के साथ मिलकर क्षति का आकलन कर रहा है और आवश्यक राहत उपायों पर विचार कर रहा है। अपडेट स्थानीय मीडिया और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से जारी किए जाएंगे।
झटकों के कारण पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, पर यह घटना उन क्षेत्रों में भी भूकंपीय जोखिम के प्रति सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करती है जहाँ traditionally भूकंप नहीं होते।