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एमपी हाई कोर्ट ने आईटी स्टाफ की अक्षमता पर जताई शिकायत, न्यायिक समय बर्बाद
✍️ Live Law
🗓 10 सित. 2026, 01:19 PM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने आईटी स्टाफ की अक्षमता के कारण बार-बार आईटी गड़बड़ियों से हुए न्यायिक समय की बर्बादी पर गंभीर चिंता जताई है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने आज एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें उसके डिजिटल केस प्रबंधन प्रणाली में लगातार आने वाली तकनीकी विफलताओं की निंदा की गई। अदालत के अधिकारियों ने कहा कि ये गड़बड़ियाँ, जो अक्सर डाउनटाइम और डेटा हानि का कारण बनती हैं, कोर्ट के आईटी कर्मचारियों द्वारा सॉफ़्टवेयर के अनुचित प्रबंधन के कारण हैं।
बयान के अनुसार, कई उच्च‑प्रोफ़ाइल मामलों को दिनों तक विलंबित किया गया क्योंकि कोर्ट का इलेक्ट्रॉनिक डॉकेट एक्सेस नहीं किया जा सका। एक उदाहरण में, एक आपराधिक मुकदमे को तब तक स्थगित कर दिया गया जब तक कि वीडियो‑लिंक सिस्टम जजों और वकीलों को जोड़ नहीं सका।
अदालत के मुख्य न्यायाधीश ने नोट किया कि बार‑बार होने वाली रुकावटों ने न केवल न्यायिक समय की बर्बादी की है बल्कि सार्वजनिक विश्वास को भी कमजोर किया है। वकीलों और मुकदमेबाजों ने बढ़ती हुई मामलों की पंक्ति के कारण निराशा व्यक्त की है।
प्रतिक्रिया स्वरूप, अदालत ने अपनी आईटी अवसंरचना का तत्काल ऑडिट करने का आदेश दिया है और सिस्टम उन्नयन की निगरानी के लिए एक वरिष्ठ आईटी सलाहकार की नियुक्ति का अनुरोध किया है। अदालत भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपने कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण सत्रों की योजना भी बना रही है।
बयान के अनुसार, कई उच्च‑प्रोफ़ाइल मामलों को दिनों तक विलंबित किया गया क्योंकि कोर्ट का इलेक्ट्रॉनिक डॉकेट एक्सेस नहीं किया जा सका। एक उदाहरण में, एक आपराधिक मुकदमे को तब तक स्थगित कर दिया गया जब तक कि वीडियो‑लिंक सिस्टम जजों और वकीलों को जोड़ नहीं सका।
अदालत के मुख्य न्यायाधीश ने नोट किया कि बार‑बार होने वाली रुकावटों ने न केवल न्यायिक समय की बर्बादी की है बल्कि सार्वजनिक विश्वास को भी कमजोर किया है। वकीलों और मुकदमेबाजों ने बढ़ती हुई मामलों की पंक्ति के कारण निराशा व्यक्त की है।
प्रतिक्रिया स्वरूप, अदालत ने अपनी आईटी अवसंरचना का तत्काल ऑडिट करने का आदेश दिया है और सिस्टम उन्नयन की निगरानी के लिए एक वरिष्ठ आईटी सलाहकार की नियुक्ति का अनुरोध किया है। अदालत भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपने कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण सत्रों की योजना भी बना रही है।