📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Phadke09
मौसम
मानसून के पीछे हटते ही मौसम विभाग ने चेतावनी दी एक आखिरी बारिश की
✍️ India Today
🗓 19 सित. 2026, 07:01 PM
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मानसून के हटने पर भारत मौसम विभाग ने एक आखिरी बारिश की संभावना बताई, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि अगले बूँदें कहाँ गिरेंगी।
पिछले कई महीनों से अधिकांश भारत में वर्षा लाने वाला दक्षिण‑पश्चिमी मानसून अब भारत के उपमहाद्वीप से पीछे हट रहा है, जैसा कि भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया है। विशेषज्ञों ने बताया कि मौसमी वापसी सामान्य है, परन्तु अक्सर मानसून के पूरी तरह से समाप्त होने से पहले एक आखिरी बारिश का दौर आता है।
आईएमडी के अधिकारियों ने कहा है कि वायुमंडल में एक अंतिम गीला चरण बन रहा है, परन्तु यह अभी स्पष्ट नहीं है कि अगले बूँदें किन क्षेत्रों में गिरेंगी। मौसम विज्ञानी नमी के पैटर्न और कम दबाव वाले क्षेत्रों को बारीकी से देख रहे हैं, जो देश के कुछ हिस्सों में बिखरे हुए बौछार या हल्की बारिश का कारण बन सकते हैं।
एक आखिरी बारिश का संभावित दौर कृषि, जलाशयों और बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों के लिये महत्वपूर्ण है, जो शुष्क मौसम शुरू होने से पहले किसी भी अतिरिक्त नमी पर निर्भर होते हैं। अधिकारियों ने किसानों और स्थानीय प्रशासन को अचानक होने वाली बौछारों के लिये तैयार रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी है।
आईएमडी के अधिकारियों ने कहा है कि वायुमंडल में एक अंतिम गीला चरण बन रहा है, परन्तु यह अभी स्पष्ट नहीं है कि अगले बूँदें किन क्षेत्रों में गिरेंगी। मौसम विज्ञानी नमी के पैटर्न और कम दबाव वाले क्षेत्रों को बारीकी से देख रहे हैं, जो देश के कुछ हिस्सों में बिखरे हुए बौछार या हल्की बारिश का कारण बन सकते हैं।
एक आखिरी बारिश का संभावित दौर कृषि, जलाशयों और बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों के लिये महत्वपूर्ण है, जो शुष्क मौसम शुरू होने से पहले किसी भी अतिरिक्त नमी पर निर्भर होते हैं। अधिकारियों ने किसानों और स्थानीय प्रशासन को अचानक होने वाली बौछारों के लिये तैयार रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी है।