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विज्ञान
मोदी ने कहा, भारत जल्दी ही वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ा स्थान बना सकता है
✍️ Hindustan Times
🗓 24 अग. 2026, 06:38 AM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निजी अंतरिक्ष कंपनियों से वैश्विक प्रतिभा और निवेश को आकर्षित करने वाला माहौल बनाने का आग्रह किया, क्योंकि भारत अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में बड़ा हिस्सा चाहता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत "बहुत जल्दी" वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण स्थान बना सकता है। उन्होंने निजी अंतरिक्ष कंपनियों से अनुरोध किया कि वे ऐसी पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करें जो विश्व‑स्तरीय प्रतिभा और निवेश को आकर्षित कर सके।
मोदी ने बताया कि निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी भारत को केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित रहने से बाहर निकालकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में लाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने उद्यमियों को सहयोग, नवाचार और विश्व मानकों के अनुरूप सुविधाएँ बनाने का आह्वान किया, जिससे भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का केंद्र बन सके।
प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि भारत का लक्ष्य बढ़ते वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में बड़ा हिस्सा हासिल करना है। निवेश और विशेषज्ञता को आकर्षित करके, भारत अपनी वैज्ञानिक क्षमताओं को व्यावसायिक अवसरों में बदलने और अंतरिक्ष‑उड़ान करने वाले देशों में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने की योजना बना रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान निजी अंतरिक्ष पहलों के लिए नीति समर्थन में वृद्धि का स्पष्ट संकेत है, जो उच्च‑तकनीकी निर्यात और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाले व्यापक आर्थिक सुधारों के साथ मेल खाता है।
मोदी ने बताया कि निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी भारत को केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित रहने से बाहर निकालकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में लाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने उद्यमियों को सहयोग, नवाचार और विश्व मानकों के अनुरूप सुविधाएँ बनाने का आह्वान किया, जिससे भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का केंद्र बन सके।
प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि भारत का लक्ष्य बढ़ते वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में बड़ा हिस्सा हासिल करना है। निवेश और विशेषज्ञता को आकर्षित करके, भारत अपनी वैज्ञानिक क्षमताओं को व्यावसायिक अवसरों में बदलने और अंतरिक्ष‑उड़ान करने वाले देशों में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने की योजना बना रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान निजी अंतरिक्ष पहलों के लिए नीति समर्थन में वृद्धि का स्पष्ट संकेत है, जो उच्च‑तकनीकी निर्यात और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाले व्यापक आर्थिक सुधारों के साथ मेल खाता है।