📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
स्वास्थ्य
मिज़ोरम के एकमात्र मेडिकल कॉलेज ने किया पहला सफल ओपन‑हार्ट सर्जरी
✍️ CNBC TV18
🗓 20 अग. 2026, 03:57 PM
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आइज़ौल के सरकारी मेडिकल कॉलेज ने अपना पहला ओपन‑हार्ट ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया, जिससे मिज़ोरम के स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर स्थापित हुआ।
आइज़ौल – मिज़ोरम के एकमात्र मेडिकल कॉलेज ने अपना पहला ओपन‑हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक किया, जो राज्य की चिकित्सा सुविधाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ऑपरेशन सरकारी मेडिकल कॉलेज में किया गया, जो यहाँ का एकमात्र तृतीयक शिक्षण अस्पताल है।
कॉलेज के कार्डियोथोरासिक सर्जन, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट और नर्सिंग स्टाफ की बहु‑विषयक टीम ने इस प्रक्रिया को आधुनिक हृदय‑सर्जरी उपकरणों की मदद से पूरा किया। रोगी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन सर्जरी के बाद वह आईसीयू में स्थिर स्थिति में है।
कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि इस सफलता से स्थानीय स्तर पर जटिल हृदय उपचार प्रदान करने की क्षमता सिद्ध होती है, जिससे रोगियों को अन्य राज्यों में यात्रा करने की आवश्यकता कम होगी। उन्होंने कार्डियक सेवाओं का विस्तार और अधिक विशेषज्ञों के प्रशिक्षण की योजना भी बताई।
यह उपलब्धि मिज़ोरम के स्वास्थ्य परिणामों को सुधारने के व्यापक प्रयासों के साथ आती है, जहाँ दूरस्थ क्षेत्रों में उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाओं की पहुँच सीमित रही है। इस कदम से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में भरोसा बढ़ेगा और चिकित्सा प्रौद्योगिकी में अतिरिक्त निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
कॉलेज के कार्डियोथोरासिक सर्जन, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट और नर्सिंग स्टाफ की बहु‑विषयक टीम ने इस प्रक्रिया को आधुनिक हृदय‑सर्जरी उपकरणों की मदद से पूरा किया। रोगी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन सर्जरी के बाद वह आईसीयू में स्थिर स्थिति में है।
कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि इस सफलता से स्थानीय स्तर पर जटिल हृदय उपचार प्रदान करने की क्षमता सिद्ध होती है, जिससे रोगियों को अन्य राज्यों में यात्रा करने की आवश्यकता कम होगी। उन्होंने कार्डियक सेवाओं का विस्तार और अधिक विशेषज्ञों के प्रशिक्षण की योजना भी बताई।
यह उपलब्धि मिज़ोरम के स्वास्थ्य परिणामों को सुधारने के व्यापक प्रयासों के साथ आती है, जहाँ दूरस्थ क्षेत्रों में उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाओं की पहुँच सीमित रही है। इस कदम से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में भरोसा बढ़ेगा और चिकित्सा प्रौद्योगिकी में अतिरिक्त निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।