📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown Mughal artist
स्थानीय
वीरांगना दुर्गावती अभयारण्य में छह माह लापता बाघिन और चार शावकों को सुरक्षित मिला
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 11 अक्टू. 2026, 08:31 PM
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मध्य प्रदेश के वीरांगना दुर्गावती बाघ अभयारण्य में छह माह लापता बाघिन अपने चार शावकों के साथ सुरक्षित पाई गई, वन विभाग ने बताया।
मध्य प्रदेश वन विभाग ने पुष्टि की है कि जनवरी से लापता बाघिन को 10 अक्टूबर को वीरांगना दुर्गावती बाघ अभयारण्य में उसके चार शावकों के साथ देखा गया। अभयारण्य में लगे ट्रैप कैमरों ने पूरे परिवार को सामान्य रूप से चलते हुए दिखाया, जिससे उनके स्वास्थ्य के बारे में आश्वस्तता मिली। बाघिन पर लगे रेडियो कॉलर के सिग्नल टूटने के कारण विभाग को उसकी स्थिति को लेकर चिंता थी।
छह महीने की खोज के बाद वन कर्मचारियों ने अभयारण्य के एक जलस्रोत के पास बाघिन और शावकों को पाया। दृश्य निरीक्षण से शावकों की पहचान की गई और यह पुष्टि हुई कि किसी को भी चोट या बीमारी नहीं है।
परिवार के सुरक्षित मिलने से अभयारण्य के प्रजनन कार्यक्रम को संभावित नुकसान से बचाने में मदद मिली, यह वन विभाग के लिए बड़ी राहत है। अब विभाग खराब कॉलर को बदलने और नियमित निगरानी जारी रखने की योजना बना रहा है।
यह घटना घने वन में बड़े बाघों की निगरानी की कठिनाइयों को उजागर करती है और वन्यजीव संरक्षण में कैमरा ट्रैप और फील्ड पैट्रोल की महत्ता को रेखांकित करती है।
छह महीने की खोज के बाद वन कर्मचारियों ने अभयारण्य के एक जलस्रोत के पास बाघिन और शावकों को पाया। दृश्य निरीक्षण से शावकों की पहचान की गई और यह पुष्टि हुई कि किसी को भी चोट या बीमारी नहीं है।
परिवार के सुरक्षित मिलने से अभयारण्य के प्रजनन कार्यक्रम को संभावित नुकसान से बचाने में मदद मिली, यह वन विभाग के लिए बड़ी राहत है। अब विभाग खराब कॉलर को बदलने और नियमित निगरानी जारी रखने की योजना बना रहा है।
यह घटना घने वन में बड़े बाघों की निगरानी की कठिनाइयों को उजागर करती है और वन्यजीव संरक्षण में कैमरा ट्रैप और फील्ड पैट्रोल की महत्ता को रेखांकित करती है।