🔥 ट्रेंडिंग महाराष्ट्र के सीएम ने कहा, सूखा 1972 स... यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग,... एसपी प्रमुख अखिलेश यादव पीडीए रथ से रै... बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में ‘चौपाल’ अभि... सीमा के पास पठानकोट के पहाड़ीपुर में क... जमुई में बदसलूकी के आरोपी नंदन यादव के...
24 सित. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
बांधवगढ़‑अचानकमार वन्यजीव कॉरिडोर पर खनन का खतरा
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shivam Agrawal
स्थानीय

बांधवगढ़‑अचानकमार वन्यजीव कॉरिडोर पर खनन का खतरा

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 24 सित. 2026, 12:01 PM 👁 14
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

पर्यावरण विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि बांधवगढ़‑अचानकमार कॉरिडोर के पास प्रस्तावित खनन से दो अभयारण्यों के बीच वन्यजीवों की आवाजाही बाधित हो सकती है।

वन विभाग और वन्यजीव संगठनों ने बांधवगढ़‑अचानकमार कॉरिडोर के निकट खनन गतिविधियों की रिपोर्टों पर चिंता जताई है, जो छत्तीसगढ़ के दो अभयारण्यों—बांधवगढ़ और अचानकमार—के बीच पशु प्रवास का महत्वपूर्ण मार्ग है। इस कॉरिडोर को पारिस्थितिक महत्व के कारण संरक्षित माना जाता है, परन्तु निकटवर्ती पहाड़ियों में खनन कंपनियों द्वारा संसाधन निकासी की मांग बढ़ रही है।

छत्तीसगढ़ वन विभाग के बयान के अनुसार, इस क्षेत्र में अभी तक कोई खनन लाइसेंस जारी नहीं किया गया है, और किसी भी अवैध खनन से मौजूदा पर्यावरणीय मंजूरी का उल्लंघन होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि सीमित खनन भी आवास को टुकड़े‑टुकड़े कर सकता है, मानव‑वन्यजीव टकराव बढ़ा सकता है और कई संकटग्रस्त प्रजातियों को खतरा पहुंचा सकता है।

स्थानीय लोग और संरक्षण कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, कड़े सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं। यह मुद्दा राज्य के वन्यजीव बोर्ड की आगामी बैठकों में चर्चा का विषय बनेगा, जहाँ अधिकारियों को व्यापक पर्यावरणीय प्रभाव आकलन के बाद खनन पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लेना होगा।

यदि उचित सुरक्षा उपायों के बिना खनन जारी रहा, तो कॉरिडोर की वन्यजीव प्रवास क्षमता कमजोर पड़ सकती है, जिससे क्षेत्र की जैव विविधता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और राष्ट्रीय पर्यावरण निगरानी एजेंसियों की आलोचना का सामना करना पड़ेगा।
📲Get App