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26 अग. 2026
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बागेश्वर में खनन के फॉल्ट लाइनों से घरों को जमीन धंसने का खतरा
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harshit SR
स्थानीय

बागेश्वर में खनन के फॉल्ट लाइनों से घरों को जमीन धंसने का खतरा

✍️ The New Indian Express 🗓 25 अग. 2026, 11:18 PM 👁 5
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बागेश्वर जिले में खनन से उत्पन्न फॉल्ट लाइनों के कारण जमीन धंसने की समस्या से घरों को खतरा बढ़ रहा है।

हाल ही में किए गए भूवैज्ञानिक सर्वेक्षणों ने बागेश्वर जिले के नीचे खनन गतिविधियों से जुड़ी फॉल्ट लाइनों का एक जाल उजागर किया है। इन फॉल्टों में चलन के कारण जमीन धंसने की समस्या सामने आई है, जिससे कई आवासीय क्षेत्रों में दीवारों में दरारें और नींव असमान हो गई है।
उत्ताखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सहित स्थानीय प्राधिकरणों ने घर मालिकों को बढ़ते जोखिम के बारे में चेतावनी जारी की है। अधिकारियों के अनुसार धंसने की दर अलग‑अलग स्थानों पर भिन्न है, पर कुछ क्षेत्रों में कुछ सेंटीमीटर की गिरावट कुछ ही समय में दर्ज की गई है।
जिला प्रशासन खनन विभाग के साथ मिलकर सक्रिय खनन साइटों की स्थिरता का मूल्यांकन कर रहा है और नियंत्रित विस्फोट, संवेदनशील क्षेत्रों को सुदृढ़ करने तथा अत्यधिक प्रभावित परिवारों के पुनर्वास जैसे उपायों पर विचार कर रहा है।
स्थानीय लोग अपनी संपत्ति की सुरक्षा और आजीविका के नुकसान को लेकर चिंतित हैं। सुरक्षा दिशानिर्देशों को साझा करने और पुनर्वास योजनाओं पर चर्चा करने के लिए सामुदायिक बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक निगरानी और खनन नियमों का कड़ा पालन ही इस गिरावट को रोकने और क्षेत्र को रहने योग्य बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
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