📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wann Majaw
मौसम
मेघालय में मानसून वर्षा में 59% की सबसे बड़ी कमी, IMD डेटा दर्शाता
✍️ hubnetwork.in
🗓 18 सित. 2026, 04:15 AM
👁 12
इंडिया मीटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट के आंकड़े दिखाते हैं कि मेघालय में मानसून की वर्षा सामान्य से 59% कम, देश में सबसे अधिक कमी है।
इंडिया मीटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने अपने नवीनतम मानसून मूल्यांकन में बताया कि मेघालय में वर्षा सामान्य औसत से 59% कम रही, जो इस मौसम में सभी राज्यों में सबसे अधिक कमी है।
59% की कमी का अर्थ है कि राज्य ने अपेक्षित वर्षा का केवल दो‑तिहाई से थोड़ा अधिक ही प्राप्त किया। यह आंकड़ा ग्राउंड स्टेशन और उपग्रह डेटा के संयोजन से निकाला गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी कमी से पहाड़ी कृषि, जलाशयों और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर असर पड़ सकता है, क्योंकि मेघालय की खेती मुख्यतः मानसून पर निर्भर करती है। यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है तो सरकार को जल स्तर की निकट निगरानी और किसानों के लिए राहत उपायों पर विचार करना पड़ सकता है।
IMD मौसम के आगे के चरण में भी अपने मानसून पूर्वानुमान को अपडेट करता रहेगा, जिससे राज्यों को रोकथाम रणनीतियों की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
59% की कमी का अर्थ है कि राज्य ने अपेक्षित वर्षा का केवल दो‑तिहाई से थोड़ा अधिक ही प्राप्त किया। यह आंकड़ा ग्राउंड स्टेशन और उपग्रह डेटा के संयोजन से निकाला गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी कमी से पहाड़ी कृषि, जलाशयों और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर असर पड़ सकता है, क्योंकि मेघालय की खेती मुख्यतः मानसून पर निर्भर करती है। यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है तो सरकार को जल स्तर की निकट निगरानी और किसानों के लिए राहत उपायों पर विचार करना पड़ सकता है।
IMD मौसम के आगे के चरण में भी अपने मानसून पूर्वानुमान को अपडेट करता रहेगा, जिससे राज्यों को रोकथाम रणनीतियों की योजना बनाने में मदद मिलेगी।