📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Agriculture and Farmers' Welfare
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मेघालय ने अगले कुछ वर्षों में 1,000 करोड़ रुपये की एक्साईज़ आय का लक्ष्य रखा, सीएम ने कहा
✍️ The Times of India
🗓 31 अग. 2026, 01:32 AM
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मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने कहा कि मेघालय अगले कुछ वर्षों में एक्साईज़ कर से 1,000 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य रखेगा।
शिलॉन्ग – मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने बताया कि अगले कुछ वर्षों में राज्य का लक्ष्य एक्साईज़ कर से 1,000 करोड़ रुपये की आय प्राप्त करना है। यह लक्ष्य मुख्यमंत्री ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में बताया, जहाँ उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने में एक्साईज़ कर की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
वर्तमान में मेघालय की वार्षिक एक्साईज़ आय लगभग 300 करोड़ रुपये है, जैसा कि राज्य के वित्त विभाग ने बताया है। सरकार नई शराब निर्माताओं को आकर्षित करने, अनुपालन को बेहतर बनाने और संग्रह प्रणाली को उन्नत करने के माध्यम से कर आधार का विस्तार करने की योजना बना रही है।
यदि यह लक्ष्य हासिल हो जाता है, तो अतिरिक्त राजस्व को बुनियादी ढाँचा, स्वास्थ्य और शिक्षा परियोजनाओं के लिए उपयोग किया जा सकता है और केंद्र से मिलने वाले स्थानांतरण पर निर्भरता घटेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी निगरानी और उद्योग के लिए अनुकूल माहौल आवश्यक होगा।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रशासन एक्साईज़ विभाग और स्थानीय उद्यमियों के साथ मिलकर इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करेगा, जिससे मेघालय उत्तर‑पूर्व में एक उभरती हुई राजस्व‑उत्पादक राज्य के रूप में स्थापित हो सकेगा।
वर्तमान में मेघालय की वार्षिक एक्साईज़ आय लगभग 300 करोड़ रुपये है, जैसा कि राज्य के वित्त विभाग ने बताया है। सरकार नई शराब निर्माताओं को आकर्षित करने, अनुपालन को बेहतर बनाने और संग्रह प्रणाली को उन्नत करने के माध्यम से कर आधार का विस्तार करने की योजना बना रही है।
यदि यह लक्ष्य हासिल हो जाता है, तो अतिरिक्त राजस्व को बुनियादी ढाँचा, स्वास्थ्य और शिक्षा परियोजनाओं के लिए उपयोग किया जा सकता है और केंद्र से मिलने वाले स्थानांतरण पर निर्भरता घटेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी निगरानी और उद्योग के लिए अनुकूल माहौल आवश्यक होगा।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रशासन एक्साईज़ विभाग और स्थानीय उद्यमियों के साथ मिलकर इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करेगा, जिससे मेघालय उत्तर‑पूर्व में एक उभरती हुई राजस्व‑उत्पादक राज्य के रूप में स्थापित हो सकेगा।