📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / World Economic Forum from Cologny, Switzerland
राजनीति
उज्जैन रोडशो में नितिन नवीन के रथ से महापौर मुकेश टटवाल को उतारा, दिया अल्टीमेटम
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 18 सित. 2026, 08:15 PM
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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उज्जैन रोडशो में महापौर मुकेश टटवाल को रथ से उतारा गया, जिससे उन्होंने अल्टीमेटम दिया और 20 सितंबर को अंबेडकर प्रतिमा के सामने मौन धरना करने का ऐलान किया।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उज्जैन में आयोजित रोडशो के दौरान एक रथ यात्रा का आयोजन किया, जिसमें महापौर मुकेश टटवाल को रथ से उतारा गया, जिसे सार्वजनिक अपमान के रूप में देखा गया।
टटवाल ने इस घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी के अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया कि आगे कोई भी अपमान सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने 20 सितंबर को अंबेडकर प्रतिमा के सामने मौन धरना करने का भी ऐलान किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना मध्य प्रदेश में स्थानीय प्रशासन और राज्य स्तर की पार्टी संरचना के बीच बढ़ती तनाव को उजागर करती है। टटवाल का मौन धरना जनता का समर्थन जुटाने और पार्टी के रवैये को चुनौती देने का प्रयास माना जा रहा है।
यह मामला राजनीतिक रैलियों में शिष्टाचार और प्रोटोकॉल पर चर्चा को भी जन्म दे रहा है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे की जांच की मांग की है, जबकि अभी तक अधिकारियों की ओर से कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं आई है।
टटवाल ने इस घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी के अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया कि आगे कोई भी अपमान सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने 20 सितंबर को अंबेडकर प्रतिमा के सामने मौन धरना करने का भी ऐलान किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना मध्य प्रदेश में स्थानीय प्रशासन और राज्य स्तर की पार्टी संरचना के बीच बढ़ती तनाव को उजागर करती है। टटवाल का मौन धरना जनता का समर्थन जुटाने और पार्टी के रवैये को चुनौती देने का प्रयास माना जा रहा है।
यह मामला राजनीतिक रैलियों में शिष्टाचार और प्रोटोकॉल पर चर्चा को भी जन्म दे रहा है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे की जांच की मांग की है, जबकि अभी तक अधिकारियों की ओर से कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं आई है।