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मुस्लिम समाज में निकाह को आसान बनाने की दिशा में ज़ीशान क़ादरी की सराहनीय पहल
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दहेज लेना और देना हमारी क़ौम की परंपरा और शिक्षाओं का हिस्सा नहीं है
# मुस्लिम समाज में निकाह को आसान बनाने की दिशा में ज़ीशान क़ादरी की सराहनीय पहल
तहारपुर। मुस्लिम समाज में शादी-विवाह के दौरान बढ़ते खर्च और दहेज जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने तथा निकाह को आसान बनाने के उद्देश्य से तहारपुर निवासी ज़ीशान क़ादरी ने एक सराहनीय पहल की है।
ज़ीशान क़ादरी ने समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि दहेज लेना और देना हमारी क़ौम की परंपरा और शिक्षाओं का हिस्सा नहीं है। निकाह एक पाक रिश्ता है, जिसे सादगी और आसानी के साथ संपन्न किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के समय में शादी-विवाह में अनावश्यक खर्च और दहेज की मांग के कारण कई परिवार आर्थिक परेशानियों का सामना करते हैं। ऐसे में समाज के हर व्यक्ति को आगे आकर इस सोच को बदलने की जरूरत है।
ज़ीशान क़ादरी का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता लाना है, ताकि बेटियों की शादी बोझ न बने और हर परिवार सम्मान के साथ अपने बच्चों का निकाह कर सके।
उन्होंने सभी से अपील की कि निकाह को आसान बनाएं, दहेज की मांग से बचें और सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा दें।
उनकी इस पहल को मुस्लिम समाज में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह पहल न केवल सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अच्छी मिसाल भी बन सकती है।
संदेश: दहेज मुक्त समाज, आसान निकाह और खुशहाल परिवार।
तहारपुर। मुस्लिम समाज में शादी-विवाह के दौरान बढ़ते खर्च और दहेज जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने तथा निकाह को आसान बनाने के उद्देश्य से तहारपुर निवासी ज़ीशान क़ादरी ने एक सराहनीय पहल की है।
ज़ीशान क़ादरी ने समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि दहेज लेना और देना हमारी क़ौम की परंपरा और शिक्षाओं का हिस्सा नहीं है। निकाह एक पाक रिश्ता है, जिसे सादगी और आसानी के साथ संपन्न किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के समय में शादी-विवाह में अनावश्यक खर्च और दहेज की मांग के कारण कई परिवार आर्थिक परेशानियों का सामना करते हैं। ऐसे में समाज के हर व्यक्ति को आगे आकर इस सोच को बदलने की जरूरत है।
ज़ीशान क़ादरी का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता लाना है, ताकि बेटियों की शादी बोझ न बने और हर परिवार सम्मान के साथ अपने बच्चों का निकाह कर सके।
उन्होंने सभी से अपील की कि निकाह को आसान बनाएं, दहेज की मांग से बचें और सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा दें।
उनकी इस पहल को मुस्लिम समाज में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह पहल न केवल सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अच्छी मिसाल भी बन सकती है।
संदेश: दहेज मुक्त समाज, आसान निकाह और खुशहाल परिवार।