मन के अंधकार को ज्ञान रूपी रोशनी मिटाती है
*मन के अंधकार को ज्ञान रूपी रोशनी मिटाती है*
खैरथल हीरालाल भूरानी
मन के अंधकार को ज्ञान रूपी रोशनी मिटाती है उक्त उद्गार स्थानीय निरंकारी सत्संग भवन पर संयोजक सोमनाथ निरंकारी ने दीपावली के पर्व पर आयोजित सत्संग में अपार श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहे आज का मनुष्य भौतिक आकर्षणों के बीच अंधकारमय जीवन व्यतीत कर रहा है वह अपने जीवन की वास्तविकता से दूर होता जा रहा है। सतगुरु ब्रह्मज्ञान प्रदान कर आत्मा का नाता परमात्मा से जोड़कर मानव के जीवन में रोशनी प्रदान कर रहे हैं।
सतगुरु ब्रह्मज्ञान देकर मानव के जीवन में जागृति प्रदान कर रहे हैं। और जो भी इंसान समय के सतगुरु की शरण में रहकर इस ब्रह्म ज्ञान को अपने जीवन में अपनाते हैं उनका जीवन प्रेम, शांति, नम्रता भाईचारे से जगमगा उठता है।
खैरथल हीरालाल भूरानी
मन के अंधकार को ज्ञान रूपी रोशनी मिटाती है उक्त उद्गार स्थानीय निरंकारी सत्संग भवन पर संयोजक सोमनाथ निरंकारी ने दीपावली के पर्व पर आयोजित सत्संग में अपार श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहे आज का मनुष्य भौतिक आकर्षणों के बीच अंधकारमय जीवन व्यतीत कर रहा है वह अपने जीवन की वास्तविकता से दूर होता जा रहा है। सतगुरु ब्रह्मज्ञान प्रदान कर आत्मा का नाता परमात्मा से जोड़कर मानव के जीवन में रोशनी प्रदान कर रहे हैं।
सतगुरु ब्रह्मज्ञान देकर मानव के जीवन में जागृति प्रदान कर रहे हैं। और जो भी इंसान समय के सतगुरु की शरण में रहकर इस ब्रह्म ज्ञान को अपने जीवन में अपनाते हैं उनका जीवन प्रेम, शांति, नम्रता भाईचारे से जगमगा उठता है।