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05 नव. 2026•
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महाराष्ट्र के माओवादी क्षेत्र की अदालत में 31 यूएपीए मामलों का बोझ
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Danial Chitnis from London, UK
अपराध

महाराष्ट्र के माओवादी क्षेत्र की अदालत में 31 यूएपीए मामलों का बोझ

✍️ The Indian Express 🗓 20 सित. 2026, 07:32 AM 👁 79
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महाराष्ट्र के माओवादी क्षेत्र की अदालत में 31 यूएपीए मामलों की लंबी सूची है, जिनमें कई अभियुक्तों को कई सालों की जेल हुई है।

महाराष्ट्र के माओवादी क्षेत्र की जिला अदालत वर्तमान में यूएपीए के तहत 31 मामलों से जूझ रही है, जो इस क्षेत्र में उग्रवाद‑संबंधी मुकदमों की व्यापकता को दर्शाता है। इन मामलों में कई अभियुक्तों को सुनवाई का इंतजार करते हुए कई सालों तक जेल में रहना पड़ा है, जिससे यूएपीए की प्रक्रिया की लंबी अवधि स्पष्ट होती है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यूएपीए की कड़ी धारा, विशेषकर विस्तारित प्री‑ट्रायल डिटेंशन, अदालत के बैकलॉग को बढ़ा रही है। जज प्रतिदिन कई सुनवाईयों को संभाल रहे हैं, पर दस्तावेजों की अधिकता तेज़ निर्णय को बाधित करती है।

मानवाधिकार संगठनों ने बिना सजा के लंबी जेल को प्रक्रिया के उल्लंघन के रूप में उजागर किया है और न्यायालय से सुनवाई को तेज़ करने का आग्रह किया है। वहीं, अधिकारियों का तर्क है कि माओवादी गतिविधियों को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।

यह स्थिति राज्य की आपराधिक न्याय प्रणाली के सामने एक बड़ा चुनौती प्रस्तुत करती है: सुरक्षा आवश्यकताओं को अभियुक्तों के अधिकारों के साथ संतुलित करना, विशेषकर जटिल उग्रवादी परिदृश्य में।
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