📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sanket Oswal
कृषि
महाराष्ट्र में 1972 के बाद सबसे बड़ा सूखा, 80% फसलें नष्ट, जलाशयों में पानी 12%
✍️ Amar Ujala · Maharashtra
🗓 01 अक्टू. 2026, 05:15 AM
👁 20
महाराष्ट्र में गंभीर सूखे ने लगभग 80% फसलें नष्ट कर दी हैं और जलाशयों में केवल 12% पानी बचा है, जो 1972 के बाद की सबसे बड़ी कमी है।
महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र में 1972 के बाद सबसे गंभीर सूखा आया है। सरकारी आंकड़ों और उपग्रह डेटा के अनुसार, लगभग 80% खेती योग्य भूमि की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।
राज्य जल संसाधन विभाग के अनुसार, प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर केवल 12% तक गिर गया है। इस कारण कई किसान अपनी बुवाई रोककर आपातकालीन सहायता की तलाश में हैं।
राज्य ने सीमित नकद सहायता की घोषणा की है और केंद्र सरकार से जल्द से जल्द सूखा राहत पैकेज की माँग की है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि जल की कमी से खाद्य कीमतों में तेज़ी और ग्रामीण स्तर पर आर्थिक संकट बढ़ सकता है।
स्थानीय सहकारी समितियां सामुदायिक कुओं और वर्षा जल संचयन परियोजनाओं को तेज कर रही हैं, पर अधिकारियों का मानना है कि दीर्घकालिक जल प्रबंधन सुधार ही इस तरह के संकट को दोहराने से रोक सकते हैं।
राज्य जल संसाधन विभाग के अनुसार, प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर केवल 12% तक गिर गया है। इस कारण कई किसान अपनी बुवाई रोककर आपातकालीन सहायता की तलाश में हैं।
राज्य ने सीमित नकद सहायता की घोषणा की है और केंद्र सरकार से जल्द से जल्द सूखा राहत पैकेज की माँग की है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि जल की कमी से खाद्य कीमतों में तेज़ी और ग्रामीण स्तर पर आर्थिक संकट बढ़ सकता है।
स्थानीय सहकारी समितियां सामुदायिक कुओं और वर्षा जल संचयन परियोजनाओं को तेज कर रही हैं, पर अधिकारियों का मानना है कि दीर्घकालिक जल प्रबंधन सुधार ही इस तरह के संकट को दोहराने से रोक सकते हैं।