📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nizzan Cohen
शिक्षा
भोपाळ में प्रदेशभर के शिक्षक, टीईटी का बहिष्कार, पुरानी पेंशन की मांग
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 04 अक्टू. 2026, 04:31 PM
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भोपाळ में इकट्ठा हुए शिक्षकों ने टीईटी का बहिष्कार करने का एलान किया, कई वर्षों की सेवा के बाद पुनः परीक्षा देने पर सवाल उठाए और पुरानी पेंशन योजना की पुनर्स्थापना की मांग की।
भोपाळ में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के विरोध में एकत्रित होकर परीक्षा न देने का संकल्प लिया। यह राज्यव्यापी शिक्षक आंदोलन के रूप में वर्णित है, जिसमें उपस्थित सभी ने आगामी परीक्षा में भाग नहीं लेने का एलान किया।
शिक्षकों ने कहा कि कई वर्षों की निरंतर सेवा के बाद पुनः परीक्षा देना उनके पेशेवर अनुभव और मनोबल को कमज़ोर करता है। वे इस बात पर ज़ोर देते हैं कि वर्तमान नीति उन अनुभवी शिक्षकों को वही परीक्षा फिर से देने पर मजबूर करती है, जिन्हें पहले ही पास कर लिया है।
परीक्षा बहिष्कार के साथ ही, उन्होंने पुरानी पेंशन योजना की पुनर्स्थापना की मांग की। उन्होंने बताया कि सांसद और विधायकों को अभी भी पुरानी पेंशन मिलती है, जबकि शिक्षकों को समान लाभ नहीं मिल रहा है, इसलिए वे समान पेंशन अधिकार की माँग कर रहे हैं।
शिक्षकों ने कहा कि कई वर्षों की निरंतर सेवा के बाद पुनः परीक्षा देना उनके पेशेवर अनुभव और मनोबल को कमज़ोर करता है। वे इस बात पर ज़ोर देते हैं कि वर्तमान नीति उन अनुभवी शिक्षकों को वही परीक्षा फिर से देने पर मजबूर करती है, जिन्हें पहले ही पास कर लिया है।
परीक्षा बहिष्कार के साथ ही, उन्होंने पुरानी पेंशन योजना की पुनर्स्थापना की मांग की। उन्होंने बताया कि सांसद और विधायकों को अभी भी पुरानी पेंशन मिलती है, जबकि शिक्षकों को समान लाभ नहीं मिल रहा है, इसलिए वे समान पेंशन अधिकार की माँग कर रहे हैं।