📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
शिक्षा
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इन‑सर्विस डॉक्टरों के NEET PG 2026 सीटों को 30% तक सीमित किया
✍️ Medical Dialogues
🗓 05 नव. 2026, 07:02 PM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इन‑सर्विस डॉक्टरों को NEET PG 2026 की सीटों में केवल 30% ही आवंटित करने का आदेश दिया, पूर्व उच्च कोटा को अनुचित माना गया।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों को NEET PG 2026 के लिए पोस्ट‑ग्रेजुएट सीटों में केवल 30% ही आवंटित करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि पहले अधिक प्रतिशत आवंटित करना अन्य अभ्यर्थियों के लिए अनुचित था और समान अवसर के सिद्धांतों के विरुद्ध जाता है।
यह आदेश राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों पर लागू होगा जो NEET PG के काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेते हैं। राज्य मेडिकल शिक्षा प्राधिकरण को सीट मैट्रिक्स में संशोधन करके अंतिम काउंसलिंग से पहले इसे लागू करने का निर्देश दिया गया है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन सहित संबंधित पक्षों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। यह निर्णय मध्य प्रदेश में पोस्ट‑ग्रेजुएट मेडिकल सीटों की प्रतिस्पर्धा को नया रूप देगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला अन्य राज्यों में समान मामलों में दिए गए निर्णयों के अनुरूप है, जहाँ सेवा में लगे डॉक्टरों और नए स्नातकों के हितों के बीच संतुलन स्थापित किया गया था।
NEET PG 2026 परीक्षा पूरे देश में निर्धारित समय पर होगी, अब संशोधित 30% कोटा आधिकारिक सीट आवंटन ढांचे का हिस्सा बन चुका है।
यह आदेश राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों पर लागू होगा जो NEET PG के काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेते हैं। राज्य मेडिकल शिक्षा प्राधिकरण को सीट मैट्रिक्स में संशोधन करके अंतिम काउंसलिंग से पहले इसे लागू करने का निर्देश दिया गया है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन सहित संबंधित पक्षों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। यह निर्णय मध्य प्रदेश में पोस्ट‑ग्रेजुएट मेडिकल सीटों की प्रतिस्पर्धा को नया रूप देगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला अन्य राज्यों में समान मामलों में दिए गए निर्णयों के अनुरूप है, जहाँ सेवा में लगे डॉक्टरों और नए स्नातकों के हितों के बीच संतुलन स्थापित किया गया था।
NEET PG 2026 परीक्षा पूरे देश में निर्धारित समय पर होगी, अब संशोधित 30% कोटा आधिकारिक सीट आवंटन ढांचे का हिस्सा बन चुका है।