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27 Oct 2026•
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मेडिकल कॉलेज उरई में साइबर जागरूकता अभियान, डॉक्टरों और छात्र-छात्राओं को बताए बचाव के तरीके

✍️ Reporter: Pankaj Gupta 🗓 27 Oct 2026, 08:42 PM 👁 13
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डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की अपील, साइबर फ्रॉड होने पर 1930 पर शिकायत करने की दी सलाह

उरई, जालौन। पुलिस अधीक्षक जालौन सुरेश चन्द्र रावत के निर्देशन में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में साइबर जागरूकता अभियान एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी और जनपदीय साइबर सेल टीम की ओर से आयोजित इस अभियान में डॉक्टरों, नर्सों, मेडिकल एवं नर्सिंग छात्र-छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से बचने की दी जानकारी
गोष्ठी के दौरान साइबर सेल टीम ने चिकित्सकीय क्षेत्र से जुड़े लोगों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए सतर्क रहने की अपील की। टीम ने बताया कि साइबर अपराधी डॉक्टरों के नाम से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर ठगी कर सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन दवा और नौकरी, डिजिटल अरेस्ट, फेडएक्स एवं कोरियर फ्रॉड, बिजली बिल और केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल व मैसेज से सावधान रहने की जरूरत है। अभियान में अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी, सीवीवी और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करने तथा व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर निवेश के नाम पर अधिक मुनाफे एवं पार्ट टाइम नौकरी के झांसे में न आने की सलाह दी गई। साथ ही सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड रखने और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करने के बारे में भी जानकारी दी गई। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर करें शिकायत साइबर सेल टीम ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल संबंधित वेबसाइट पर भी शिकायत की जा सकती है। आपात स्थिति में डायल 112 की सहायता ली जा सकती है। ठगी के बाद शुरुआती एक घंटे, जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है, में शिकायत करने से ठगी गई रकम को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ सकती है। इस दौरान डॉक्टरों एवं छात्र-छात्राओं से अपील की गई कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने मरीजों, परिजनों तथा परिचितों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम में साइबर सेल प्रभारी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, फैकल्टी सदस्य, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ तथा मेडिकल एवं नर्सिंग के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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