लालगंज CHC में बड़ी लापरवाही का आरोप, स्टोर प्रभारी समेत दो फार्मासिस्ट पर गिरी गाज
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लालगंज, प्रतापगढ़। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लालगंज में दवा और इंजेक्शन की व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि एसडीएम लालगंज वाचस्पति सिंह की 8 वर्षीय बेटी श्रेयसी सिंह को बुखार आने पर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट ने एक्सपायरी डेट का पैरासिटामोल इंजेक्शन लगा दिया।
बताया जा रहा है कि इंजेक्शन की एक्सपायरी जून 2026 थी। मामले की जानकारी होने पर एसडीएम वाचस्पति सिंह ने इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से की और जिलाधिकारी को भी पूरे मामले से अवगत कराया।
⚠️ शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने दो फार्मासिस्टों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित किए गए फार्मासिस्टों में:
अरविंद कुमार शुक्ला — स्टोर प्रभारी फार्मासिस्ट
🔴 देव कुमार दुबे — फार्मासिस्ट
दोनों के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद अब अस्पताल में दवाओं के रखरखाव, स्टॉक रजिस्टर और एक्सपायरी दवाओं की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
❓ सबसे बड़ा सवाल—अगर यह गलती किसी आम मरीज के साथ होती तो?
मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि एक्सपायरी दवा या इंजेक्शन मरीज की सुरक्षा से सीधे जुड़ा विषय है। सवाल यह है कि अस्पताल के स्टोर में एक्सपायरी इंजेक्शन पहुंचा कैसे और उसे मरीज को लगाने से पहले उसकी जांच क्यों नहीं की गई?
अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि एक्सपायरी इंजेक्शन अस्पताल में कैसे उपलब्ध था, किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।
👉 दो फार्मासिस्टों के निलंबन के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से साफ है कि मामला गंभीर माना गया है। अब निगाहें विभागीय जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं।
⚠️ नोट: खबर में दी गई जानकारी उपलब्ध शिकायत/कार्रवाई संबंधी विवरण पर आधारित है। अंतिम तथ्य विभागीय जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होंगे।
बताया जा रहा है कि इंजेक्शन की एक्सपायरी जून 2026 थी। मामले की जानकारी होने पर एसडीएम वाचस्पति सिंह ने इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से की और जिलाधिकारी को भी पूरे मामले से अवगत कराया।
⚠️ शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने दो फार्मासिस्टों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित किए गए फार्मासिस्टों में:
अरविंद कुमार शुक्ला — स्टोर प्रभारी फार्मासिस्ट
🔴 देव कुमार दुबे — फार्मासिस्ट
दोनों के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद अब अस्पताल में दवाओं के रखरखाव, स्टॉक रजिस्टर और एक्सपायरी दवाओं की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
❓ सबसे बड़ा सवाल—अगर यह गलती किसी आम मरीज के साथ होती तो?
मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि एक्सपायरी दवा या इंजेक्शन मरीज की सुरक्षा से सीधे जुड़ा विषय है। सवाल यह है कि अस्पताल के स्टोर में एक्सपायरी इंजेक्शन पहुंचा कैसे और उसे मरीज को लगाने से पहले उसकी जांच क्यों नहीं की गई?
अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि एक्सपायरी इंजेक्शन अस्पताल में कैसे उपलब्ध था, किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।
👉 दो फार्मासिस्टों के निलंबन के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से साफ है कि मामला गंभीर माना गया है। अब निगाहें विभागीय जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं।
⚠️ नोट: खबर में दी गई जानकारी उपलब्ध शिकायत/कार्रवाई संबंधी विवरण पर आधारित है। अंतिम तथ्य विभागीय जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होंगे।