📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / tropicaLiving
स्थानीय
सवाई माधोपुर में लेपर्ड के हमले से 3 साल के बच्चे की मौत, ग्रामीणों और वन विभाग ने समझौता किया
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 21 अग. 2026, 11:36 PM
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सवाई माधोपुर में लेपर्ड के हमले से 3 साल के बच्चे की मौत हुई, मुआवजा और सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों और वन विभाग के बीच विवाद समाप्त हुआ, अब विभाग लेपर्ड को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर रहा है।
राजस्थान के सवाई माधोपुर में लेपर्ड के हमले से 3 साल के बच्चे की मृत्यु हो गई, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा शोक और चिंता उत्पन्न हुई।
इस घटना के बाद ग्रामीणों और वन विभाग के बीच मुआवजा, रोजगार के अवसर और सुरक्षा उपायों को लेकर तनाव बढ़ गया। कई दिनों के वार्तालाप के बाद दोनों पक्षों ने समझौता किया, जिससे परिवारों की मांगें पूरी हुईं और विवाद समाप्त हुआ।
समझौते के बाद वन विभाग ने हमलावर लेपर्ड को पकड़ने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। ट्रैकिंग उपकरण और नाइट‑विजन गैजेट्स से लैस टीमों को निकटवर्ती जंगल में तैनात किया गया है और घातक हमलों को रोकने के लिए गश्त बढ़ा दी गई है।
अधिकारियों ने निवासियों से सतर्क रहने और खोज में सहयोग करने का आग्रह किया है, साथ ही क्षेत्र की सुरक्षा में विश्वास बहाल करने के उपायों की आश्वासन दी है।
यह घटना राजस्थान के संरक्षित क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय सुरक्षा के बीच संतुलन की चुनौती को उजागर करती है।
इस घटना के बाद ग्रामीणों और वन विभाग के बीच मुआवजा, रोजगार के अवसर और सुरक्षा उपायों को लेकर तनाव बढ़ गया। कई दिनों के वार्तालाप के बाद दोनों पक्षों ने समझौता किया, जिससे परिवारों की मांगें पूरी हुईं और विवाद समाप्त हुआ।
समझौते के बाद वन विभाग ने हमलावर लेपर्ड को पकड़ने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। ट्रैकिंग उपकरण और नाइट‑विजन गैजेट्स से लैस टीमों को निकटवर्ती जंगल में तैनात किया गया है और घातक हमलों को रोकने के लिए गश्त बढ़ा दी गई है।
अधिकारियों ने निवासियों से सतर्क रहने और खोज में सहयोग करने का आग्रह किया है, साथ ही क्षेत्र की सुरक्षा में विश्वास बहाल करने के उपायों की आश्वासन दी है।
यह घटना राजस्थान के संरक्षित क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय सुरक्षा के बीच संतुलन की चुनौती को उजागर करती है।