📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Soonuu
धर्म
कृष्णा गुरुजी ने उज्जैन में नवरात्रि के आध्यात्मिक अर्थ और ऋतु परिवर्तन के संबंध पर चर्चा की
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 15 अक्टू. 2026, 07:16 PM
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उज्जैन के महाकाल गुरुकुल आश्रम में कृष्णा गुरुजी ने सौ से अधिक वटुक ब्राह्मणों को नवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व और ऋतु परिवर्तन के संबंध के बारे में बताया।
उज्जैन के महाकाल गुरुकुल आश्रम में कृष्णा गुरुजी ने सौ से अधिक वटुक ब्राह्मणों को नवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि यह नौ रातों का पर्व वैदिक परंपरा में प्रकाश के अंधकार पर विजय और विश्वास के नवीनीकरण का प्रतीक है।
गुरुजी ने नवरात्रि के ऋतु परिवर्तन से गहरे संबंध पर भी चर्चा की, यह बताते हुए कि यह पर्व मानसून से ठंडे मौसम में परिवर्तन के समय आता है, जो प्रकृति के पुनर्जागरण का संकेत है।
उन्होंने श्रोताओं से आग्रह किया कि इस समय को प्रेरणा का स्रोत बनाकर आत्म-चिंतन और आध्यात्मिक विकास पर ध्यान दें।
उन्होंने बताया कि यह नौ रातों का पर्व वैदिक परंपरा में प्रकाश के अंधकार पर विजय और विश्वास के नवीनीकरण का प्रतीक है।
गुरुजी ने नवरात्रि के ऋतु परिवर्तन से गहरे संबंध पर भी चर्चा की, यह बताते हुए कि यह पर्व मानसून से ठंडे मौसम में परिवर्तन के समय आता है, जो प्रकृति के पुनर्जागरण का संकेत है।
उन्होंने श्रोताओं से आग्रह किया कि इस समय को प्रेरणा का स्रोत बनाकर आत्म-चिंतन और आध्यात्मिक विकास पर ध्यान दें।