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07 Oct 2026•
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Agriculture

खेत तालाब योजना से रौरा के किसान भोलाराम की बदली तकदीर, अब एक की जगह दो फसलें

✍️ Reporter: Pranav Gaur 🗓 07 Oct 2026, 09:01 PM 👁 16
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ग्वालियर जिले के रौरा गांव में खेत तालाब योजना के लाभ से किसान भोलाराम कुशवाहा अब वर्ष में दो फसलें उगा पा रहे हैं, जिससे उनकी कृषि आय में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

ग्वालियर। सरकारी योजनाओं के लाभ से किसानों की खेती और आय में किस तरह बदलाव आ सकता है, इसकी मिसाल ग्वालियर जिले की ग्राम पंचायत रौरा के किसान भोलाराम कुशवाहा की कहानी में देखने को मिलती है। खेत में तालाब बनने के बाद सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ी, जिससे उनकी खेती का स्वरूप पूरी तरह बदल गया।

भोलाराम बताते हैं कि उनके पास खेती की जमीन थी, लेकिन सिंचाई के पर्याप्त साधन न होने के कारण वे साल में केवल एक ही फसल ले पाते थे। बारिश पर निर्भरता के चलते हर साल फसल की पैदावार को लेकर अनिश्चितता बनी रहती थी और पानी की कमी का सीधा असर उनकी कृषि आय पर पड़ता था। इसी दौरान उन्हें खेत तालाब योजना का लाभ मिला और योजना के तहत उनके खेत में तालाब का निर्माण कराया गया।

तालाब बनने के बाद खेत में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ गई और खेती के लिए पानी की समस्या काफी हद तक कम हुई। भोलाराम के अनुसार, पहले जहां वे साल में केवल एक फसल ले पाते थे, वहीं अब पर्याप्त पानी मिलने से वे दो फसलें लेने में सक्षम हैं। इससे न केवल उनकी फसल उत्पादन क्षमता बढ़ी, बल्कि कृषि से होने वाली आय में भी सुधार आया है। खेत में बेहतर सिंचाई सुविधा के कारण फसलों की स्थिति में भी पहले की तुलना में सुधार हुआ है।

किसान भोलाराम कुशवाहा ने अपनी सफलता का श्रेय खेत तालाब योजना से मिले लाभ को देते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से उनके जैसे किसानों को खेती में स्थिरता और बेहतर उत्पादन का अवसर मिला है। रौरा पंचायत में भोलाराम की यह कहानी अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक बन रही है, जो अब एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय वर्ष में दो फसलें लेने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
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