📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dinesh Valke from Thane, India
कृषि
खाजी मसाला ने 200 अरुणाचल परिवारों को 39 लाख रुपये दिलाए, जंगलों की रक्षा भी की
✍️ India Today NE
🗓 18 अग. 2026, 12:33 PM
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अरुणाचल में खाजी मसाले की खेती से 200 परिवारों को 39 लाख रुपये मिले, साथ ही जंगल संरक्षण में भी मदद मिली।
अरुणाचल के पहाड़ों में खाजी मसाले की खेती से किसानों को आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों लाभ मिल रहे हैं। हाल के रिपोर्टों के अनुसार, इस मसाले से 200 परिवारों को कुल 39 लाख रुपये की आमदनी हुई है, जिससे स्थानीय आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
खाजी, जो क्षेत्र का मूल मसाला है, अपनी अनोखी स्वाद प्रोफ़ाइल के लिए जाना जाता है और भारत भर के पाक बाजारों में इसकी मांग बढ़ रही है। इसकी खेती कम इनपुट के साथ होती है और यह राज्य के पहाड़ी भूभाग के लिए उपयुक्त है।
आर्थिक लाभ के अलावा, इस मसाले की खेती ने वन संरक्षण में भी योगदान दिया है। सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देकर, किसानों ने वन संसाधनों पर दबाव कम किया है और क्षेत्र की जैव विविधता को संरक्षित किया है।
स्थानीय अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खाजी एक ऐसा मॉडल है, जहाँ विशेष फसलों के माध्यम से ग्रामीण विकास और प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र दोनों को लाभ पहुँचाया जा सकता है।
खाजी, जो क्षेत्र का मूल मसाला है, अपनी अनोखी स्वाद प्रोफ़ाइल के लिए जाना जाता है और भारत भर के पाक बाजारों में इसकी मांग बढ़ रही है। इसकी खेती कम इनपुट के साथ होती है और यह राज्य के पहाड़ी भूभाग के लिए उपयुक्त है।
आर्थिक लाभ के अलावा, इस मसाले की खेती ने वन संरक्षण में भी योगदान दिया है। सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देकर, किसानों ने वन संसाधनों पर दबाव कम किया है और क्षेत्र की जैव विविधता को संरक्षित किया है।
स्थानीय अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खाजी एक ऐसा मॉडल है, जहाँ विशेष फसलों के माध्यम से ग्रामीण विकास और प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र दोनों को लाभ पहुँचाया जा सकता है।