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अपराध
केरल हाई कोर्ट ने नई एनडीपीएस कोर्टों के लिए स्थायी स्टाफ की नियुक्ति का आदेश दिया
✍️ The Times of India
🗓 31 अग. 2026, 11:18 PM
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केरल सरकार को हाई कोर्ट ने नई एनडीपीएस कोर्टों के लिए 10 सितंबर तक स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया है।
थिरुवनंतपुरम में स्थित केरल हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि नई स्थापित नशा पदार्थ एवं साइकोट्रोपिक पदार्थ (एनडीपीएस) कोर्टों के लिए 10 सितंबर तक स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। यह आदेश उन याचिकाओं के बाद आया है, जिनमें न्यायिक और सहायक कर्मचारियों की कमी के कारण नशा मामलों की सुनवाई में देरी का उल्लेख किया गया था।
कोर्ट ने कहा कि एनडीपीएस कोर्टों को तेज़ी से नशा‑संबंधी मामलों का निपटारा करने के लिए पूरी तरह कार्यशील होना चाहिए, जिसमें योग्य मजिस्ट्रेट, अभियोजक, क्लर्क और तकनीकी स्टाफ शामिल हों। आगे की किसी भी देरी से न्याय की गति प्रभावित होगी और सार्वजनिक विश्वास को नुकसान पहुंच सकता है।
केरल सरकार ने कोर्ट के समय‑सीमा का पालन करने का आश्वासन दिया है, यह कहा कि आवश्यक पदों की भर्ती प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। अधिकारी बताते हैं कि वे सितंबर की अंतिम तिथि को पूरा करने के लिए नियुक्तियों को प्राथमिकता देंगे और कोर्ट को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आपराधिक न्याय प्रणाली में मौजूदा बाधाओं को दूर करने में न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है, विशेषकर बढ़ते नशा तस्करी और सेवन के मामलों में।
इस निर्णय से राज्य भर के एनडीपीएस कोर्टों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, जिससे मामलों की सुनवाई में अनावश्यक विलंब नहीं होगा।
कोर्ट ने कहा कि एनडीपीएस कोर्टों को तेज़ी से नशा‑संबंधी मामलों का निपटारा करने के लिए पूरी तरह कार्यशील होना चाहिए, जिसमें योग्य मजिस्ट्रेट, अभियोजक, क्लर्क और तकनीकी स्टाफ शामिल हों। आगे की किसी भी देरी से न्याय की गति प्रभावित होगी और सार्वजनिक विश्वास को नुकसान पहुंच सकता है।
केरल सरकार ने कोर्ट के समय‑सीमा का पालन करने का आश्वासन दिया है, यह कहा कि आवश्यक पदों की भर्ती प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। अधिकारी बताते हैं कि वे सितंबर की अंतिम तिथि को पूरा करने के लिए नियुक्तियों को प्राथमिकता देंगे और कोर्ट को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आपराधिक न्याय प्रणाली में मौजूदा बाधाओं को दूर करने में न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है, विशेषकर बढ़ते नशा तस्करी और सेवन के मामलों में।
इस निर्णय से राज्य भर के एनडीपीएस कोर्टों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, जिससे मामलों की सुनवाई में अनावश्यक विलंब नहीं होगा।