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24 अग. 2026
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कर्नाटक पुलिस का इंतजार: 1991 की इम्युनिटी आदेश के बीच शिकारी हत्याओं की जांच रिपोर्ट
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohitjahnavi
अपराध

कर्नाटक पुलिस का इंतजार: 1991 की इम्युनिटी आदेश के बीच शिकारी हत्याओं की जांच रिपोर्ट

✍️ The Indian Express 🗓 23 अग. 2026, 08:39 AM 👁 5
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कर्नाटक में पुलिस शिकारी हत्याओं की मैजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जबकि 1991 का आदेश वन कर्मचारियों को इम्युनिटी देता है।

कर्नाटक पुलिस ने बताया कि शिकारी हत्याओं की मैजिस्ट्रेट जांच के परिणाम आने तक आगे की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा आदेशित इस जांच का उद्देश्य मौतों की परिस्थितियों को स्पष्ट करना और संभावित कानूनी उल्लंघनों की पहचान करना है।

1991 में जारी एक अदालत आदेश ने वन विभाग के कर्मचारियों को इम्युनिटी प्रदान की है, जिससे वे कर्तव्य में किए गए कार्यों के लिए आपराधिक मुकदमे से सुरक्षित रहते हैं। वर्तमान विवाद में यह प्रावधान फिर से चर्चा में आया है; अधिकारियों का कहना है कि यह उन्हें सुरक्षा देता है, जबकि आलोचक कहते हैं कि यह जवाबदेही को बाधित करता है।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कहा कि मैजिस्ट्रेट रिपोर्ट यह स्पष्ट करेगी कि इस मामले में इम्युनिटी धारा लागू होती है या नहीं। रिपोर्ट के जारी होने तक वन कर्मचारियों के खिलाफ कोई आरोप या अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना नहीं है।

पर्यावरण संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने पारदर्शी जांच की मांग की है, साथ ही वन अधिकारियों के कानूनी संरक्षण का सम्मान भी किया जाना चाहिए।

पुलिस ने कहा कि मैजिस्ट्रेट की रिपोर्ट मिलने के बाद वे तुरंत कार्य करेंगे और कानून के तहत उचित कदम उठाए जाएंगे।
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