📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / N. Vivekananthamoorthy
सरकारी योजना
कर्नाटक सरकार ने बी‑खाता को ए‑खाता में 2027 तक बदलने का निर्णय
✍️ The Times of India
🗓 14 सित. 2026, 07:36 AM
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कर्नाटक सरकार ने कहा कि बी‑खाता में दर्ज संपत्तियों को 2027 तक ए‑खाता में बदल दिया जाएगा, जिससे मालिकों को राहत मिलेगी।
कर्नाटक सरकार ने निर्देश दिया है कि बी‑खाता में दर्ज सभी आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों को 31 दिसंबर 2027 तक ए‑खाता में बदला जाएगा। ए‑खाता का अर्थ है साफ़ शीर्षक और सभी नगरपालिका नियमों का पालन, जबकि बी‑खाता अक्सर अपूर्ण दस्तावेज़ीकरण या कर संबंधी समस्याओं को दर्शाता है।
राज्य के राजस्व विभाग ने बताया कि यह कदम संपत्ति मालिकों के लिए लेन‑देन को सरल बनाने और उन बाधाओं को दूर करने के लिए है, जिनके कारण कई लोग अपने खाता को नियमित नहीं कर पाए थे। इस अवधि में बी‑खाता से जुड़ी अतिरिक्त दंडों का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से कर्नाटक के संपत्ति बाजार में विश्वास बढ़ेगा, क्योंकि खरीदारों और ऋणदाताओं के लिए यह एक बड़ी बाधा थी। सरकार ने मालिकों से स्थानीय नगरपालिका कार्यालयों में जाकर परिवर्तन प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है और ऑनलाइन आवेदन पोर्टल की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
इस नीति की निगरानी राज्य के राजस्व अधिकारियों द्वारा की जाएगी, जो समय‑समय पर ऑडिट करेंगे ताकि अस्थायी ए‑खाता का दुरुपयोग न हो। 2027 के अंत में यह योजना समाप्त होगी, उसके बाद संपत्तियों को मूल वर्गीकरण में लौटना पड़ेगा, जब तक आगे कोई कदम नहीं उठाया जाता।
राज्य के राजस्व विभाग ने बताया कि यह कदम संपत्ति मालिकों के लिए लेन‑देन को सरल बनाने और उन बाधाओं को दूर करने के लिए है, जिनके कारण कई लोग अपने खाता को नियमित नहीं कर पाए थे। इस अवधि में बी‑खाता से जुड़ी अतिरिक्त दंडों का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से कर्नाटक के संपत्ति बाजार में विश्वास बढ़ेगा, क्योंकि खरीदारों और ऋणदाताओं के लिए यह एक बड़ी बाधा थी। सरकार ने मालिकों से स्थानीय नगरपालिका कार्यालयों में जाकर परिवर्तन प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है और ऑनलाइन आवेदन पोर्टल की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
इस नीति की निगरानी राज्य के राजस्व अधिकारियों द्वारा की जाएगी, जो समय‑समय पर ऑडिट करेंगे ताकि अस्थायी ए‑खाता का दुरुपयोग न हो। 2027 के अंत में यह योजना समाप्त होगी, उसके बाद संपत्तियों को मूल वर्गीकरण में लौटना पड़ेगा, जब तक आगे कोई कदम नहीं उठाया जाता।