📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Supreme Court of India
शिक्षा
जस्टिस सुंदरेश ने एचपीएनएलयू समापन समारोह में सामाजिक जिम्मेदारी का आह्वान किया
✍️ Himachal Scape
🗓 11 अक्टू. 2026, 06:32 PM
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हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के समापन समारोह में जस्टिस सुंदरेश ने स्नातकों से सामाजिक जिम्मेदारी अपनाने और देश निर्माण में कानूनी पेशेवरों की भूमिका को सुदृढ़ करने का आग्रह किया।
हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचपीएनएलयू) के शिमला में आयोजित समापन समारोह में हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस सुंदरेश ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने भविष्य के वकीलों को अपने पेशे को केवल करियर नहीं, बल्कि समाज सेवा का साधन मानने की अपील की।
जस्टिस सुंदरेश ने कहा कि कानून की वैधता तभी बनी रहती है जब कानूनी पेशेवर मानव अधिकारों की रक्षा, सामाजिक असमानताओं को दूर करने और सार्वजनिक कल्याण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का सामाजिक जुड़ाव राज्य के विकास और राष्ट्रीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करेगा।
समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु ने हालिया न्यायिक निर्णयों को भी सराहा, पर मुख्य फोकस न्यायाधीश के सामाजिक जिम्मेदारी के आह्वान पर रहा। स्नातकों को डिग्री प्रदान की गई और विश्वविद्यालय की नई पीढ़ी को सशक्त बनाते हुए इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक समाप्त किया गया।
जस्टिस सुंदरेश ने कहा कि कानून की वैधता तभी बनी रहती है जब कानूनी पेशेवर मानव अधिकारों की रक्षा, सामाजिक असमानताओं को दूर करने और सार्वजनिक कल्याण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का सामाजिक जुड़ाव राज्य के विकास और राष्ट्रीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करेगा।
समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु ने हालिया न्यायिक निर्णयों को भी सराहा, पर मुख्य फोकस न्यायाधीश के सामाजिक जिम्मेदारी के आह्वान पर रहा। स्नातकों को डिग्री प्रदान की गई और विश्वविद्यालय की नई पीढ़ी को सशक्त बनाते हुए इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक समाप्त किया गया।