📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jiri Borovy
देश
जस्टिस बी.वी. नगरथना: बार काउंसिल की सदस्य सम्मान की कमी एक चेतावनी
✍️ Free Press Journal
🗓 30 अग. 2026, 07:08 AM
👁 5
सुप्रीम कोर्ट जस्टिस बी.वी. नगरथना ने कहा, बार काउंसिल का अपने सदस्यों का सम्मान न जीत पाना संस्थागत समस्याओं का संकेत है।
सुप्रीम कोर्ट जस्टिस बी.वी. नगरथना ने वकीलों की सभा में कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया अपने सदस्यों का भरोसा खो रही है। उन्होंने बताया कि एक पेशेवर संस्था जो अपने सदस्य वर्ग का सम्मान नहीं जीत पाती, उसकी विश्वसनीयता और प्रभावशीलता पर प्रश्न उठते हैं।
जस्टिस ने कहा कि हालिया चुनावी विवाद और पारदर्शिता की कमी ने वकीलों में असंतोष बढ़ा दिया है। उन्होंने परिषद के नेतृत्व से अपील की कि वे कानूनी समुदाय के साथ अधिक खुलकर संवाद करें और शिकायतों का शीघ्र समाधान करें।
नगरथना ने यह भी रेखांकित किया कि एक मजबूत और सम्मानित बार काउंसिल नियम के शासन को बनाए रखने और न्यायपालिका को बाहरी हस्तक्षेप से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने भरोसा पुनः स्थापित करने के लिए सुधारों की मांग की।
इन टिप्पणियों के समय कई राज्य बार काउंसिलों को आंतरिक संघर्ष और पक्षपात के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जस्टिस के बयान राष्ट्रीय परिषद के शासन में बदलाव की दिशा में प्रेरित कर सकते हैं।
आगामी हफ्तों में हितधारकों के बीच बैठकें आयोजित होने की संभावना है, जिसमें कानूनी पेशेवरों और जनता के बीच विश्वास को पुनर्स्थापित करने के लिए ठोस कदमों पर चर्चा की जाएगी।
जस्टिस ने कहा कि हालिया चुनावी विवाद और पारदर्शिता की कमी ने वकीलों में असंतोष बढ़ा दिया है। उन्होंने परिषद के नेतृत्व से अपील की कि वे कानूनी समुदाय के साथ अधिक खुलकर संवाद करें और शिकायतों का शीघ्र समाधान करें।
नगरथना ने यह भी रेखांकित किया कि एक मजबूत और सम्मानित बार काउंसिल नियम के शासन को बनाए रखने और न्यायपालिका को बाहरी हस्तक्षेप से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने भरोसा पुनः स्थापित करने के लिए सुधारों की मांग की।
इन टिप्पणियों के समय कई राज्य बार काउंसिलों को आंतरिक संघर्ष और पक्षपात के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जस्टिस के बयान राष्ट्रीय परिषद के शासन में बदलाव की दिशा में प्रेरित कर सकते हैं।
आगामी हफ्तों में हितधारकों के बीच बैठकें आयोजित होने की संभावना है, जिसमें कानूनी पेशेवरों और जनता के बीच विश्वास को पुनर्स्थापित करने के लिए ठोस कदमों पर चर्चा की जाएगी।