📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / MODIS Land Rapid Response Team, NASA GSFC
राजनीति
जम्मू-कश्मीर सरकार ने डिजिटल समाचार प्लेटफार्मों के लिए 2026 मीडिया नीति की योजना बनाई
✍️ Kashmir Indepth
🗓 30 सित. 2026, 05:02 PM
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जम्मू-कश्मीर सरकार ने 2026 में डिजिटल समाचार प्लेटफार्मों को नियंत्रित करने के लिए नई मीडिया नीति लागू करने की योजना की घोषणा की है।
सोमवार को जम्मू-कश्मीर सरकार ने 2026 में एक व्यापक मीडिया नीति लागू करने की योजना की घोषणा की, जो राज्य में कार्यरत डिजिटल समाचार प्लेटफार्मों पर विशेष रूप से लक्षित होगी। यह प्रस्ताव राज्य के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी बयान के माध्यम से पेश किया गया, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन समाचार आउटलेट्स के लिए सामग्री की प्रामाणिकता, लाइसेंसिंग और जवाबदेही जैसे मुद्दों को संबोधित करने वाला नियामक ढाँचा स्थापित करना है।
ड्राफ्ट नीति के तहत डिजिटल समाचार प्रकाशकों को एक राज्य‑चलित प्राधिकरण के साथ पंजीकरण करने, नियमित अनुपालन रिपोर्ट जमा करने और तथ्य‑जांच व संपादकीय मानकों के दिशानिर्देशों का पालन करने की आवश्यकता होगी। यह नीति गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए उपयोगकर्ता‑जनित सामग्री पर स्पष्ट लेबलिंग अनिवार्य करने और अपमानजनक सामग्री के त्वरित हटाने के तंत्र को भी शामिल करती है।
उद्योग के विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम जम्मू‑कश्मीर के तेजी से बढ़ते ऑनलाइन समाचार क्षेत्र में अधिक पारदर्शिता ला सकता है, जबकि आलोचक छोटे मीडिया हाउसों के लिए चुनौतियाँ और प्रेस स्वतंत्रता के बारे में चिंताएँ जताते हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि नीति हितधारकों के साथ परामर्श में तैयार की जाएगी और पत्रकारिक स्वतंत्रता की रक्षा के प्रावधान शामिल होंगे।
मंत्रालय ने संकेत दिया है कि विस्तृत ड्राफ्ट आने वाले हफ्तों में सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए प्रसारित किया जाएगा, और अंतिम नीति 2026 में समीक्षा और संशोधन के बाद लागू की जाएगी।
ड्राफ्ट नीति के तहत डिजिटल समाचार प्रकाशकों को एक राज्य‑चलित प्राधिकरण के साथ पंजीकरण करने, नियमित अनुपालन रिपोर्ट जमा करने और तथ्य‑जांच व संपादकीय मानकों के दिशानिर्देशों का पालन करने की आवश्यकता होगी। यह नीति गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए उपयोगकर्ता‑जनित सामग्री पर स्पष्ट लेबलिंग अनिवार्य करने और अपमानजनक सामग्री के त्वरित हटाने के तंत्र को भी शामिल करती है।
उद्योग के विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम जम्मू‑कश्मीर के तेजी से बढ़ते ऑनलाइन समाचार क्षेत्र में अधिक पारदर्शिता ला सकता है, जबकि आलोचक छोटे मीडिया हाउसों के लिए चुनौतियाँ और प्रेस स्वतंत्रता के बारे में चिंताएँ जताते हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि नीति हितधारकों के साथ परामर्श में तैयार की जाएगी और पत्रकारिक स्वतंत्रता की रक्षा के प्रावधान शामिल होंगे।
मंत्रालय ने संकेत दिया है कि विस्तृत ड्राफ्ट आने वाले हफ्तों में सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए प्रसारित किया जाएगा, और अंतिम नीति 2026 में समीक्षा और संशोधन के बाद लागू की जाएगी।