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झारखंड उच्च न्यायालय ने रोड ओवर ब्रिज के लिए याचिका खारिज, रेलवे विशेषज्ञ के निर्णय को मान्यता दी
✍️ Live Law
🗓 22 अक्टू. 2026, 04:41 AM
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झारखंड उच्च न्यायालय ने रोड ओवर ब्रिज के निर्माण हेतु याचिका खारिज कर दी, यह कहते हुए कि न्यायालय रेलवे विशेषज्ञों के निर्णय पर पुनर्विचार नहीं कर सकता।
झारखंड उच्च न्यायालय में दायर एक याचिका में रेलवे चौराहे पर रोड ओवर ब्रिज के निर्माण की मंजूरी मांगी गई थी। न्यायालय ने इस याचिका को खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि न्यायालय रेलवे विशेषज्ञों के तकनीकी निर्णय पर पुनर्विचार नहीं कर सकता।
न्यायालय के आदेश में स्पष्ट किया गया कि रेलवे अवसंरचना से जुड़ी निर्णय लेने का अधिकार रेलवे प्राधिकरणों के पास है, जिनके पास सुरक्षा और व्यवहार्यता का आकलन करने की विशेषज्ञता है। न्यायालय ने यह भी बताया कि उसकी भूमिका केवल यह सुनिश्चित करने तक सीमित है कि प्रक्रियागत नियमों का पालन हो रहा है, न कि तकनीकी निर्णयों को फिर से देखना।
इस निर्णय के अनुसार, प्रस्तावित रोड ओवर ब्रिज परियोजना तब तक रुकी रहेगी जब तक कि रेलवे प्राधिकरण इसे पुनः समीक्षा करके आधिकारिक मंजूरी नहीं देते। यह निर्णय अवसंरचना और सुरक्षा के मामलों में संस्थागत विशेषज्ञता का सम्मान करने के सिद्धांत को रेखांकित करता है।
न्यायालय ने यह फैसला बिना किसी विरोधाभासी राय के दिया, जिससे रेलवे परियोजनाओं में न्यायिक निरीक्षण और तकनीकी निर्णय‑निर्माण के बीच स्पष्ट विभाजन पर बल दिया गया।
न्यायालय के आदेश में स्पष्ट किया गया कि रेलवे अवसंरचना से जुड़ी निर्णय लेने का अधिकार रेलवे प्राधिकरणों के पास है, जिनके पास सुरक्षा और व्यवहार्यता का आकलन करने की विशेषज्ञता है। न्यायालय ने यह भी बताया कि उसकी भूमिका केवल यह सुनिश्चित करने तक सीमित है कि प्रक्रियागत नियमों का पालन हो रहा है, न कि तकनीकी निर्णयों को फिर से देखना।
इस निर्णय के अनुसार, प्रस्तावित रोड ओवर ब्रिज परियोजना तब तक रुकी रहेगी जब तक कि रेलवे प्राधिकरण इसे पुनः समीक्षा करके आधिकारिक मंजूरी नहीं देते। यह निर्णय अवसंरचना और सुरक्षा के मामलों में संस्थागत विशेषज्ञता का सम्मान करने के सिद्धांत को रेखांकित करता है।
न्यायालय ने यह फैसला बिना किसी विरोधाभासी राय के दिया, जिससे रेलवे परियोजनाओं में न्यायिक निरीक्षण और तकनीकी निर्णय‑निर्माण के बीच स्पष्ट विभाजन पर बल दिया गया।