📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
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झारखंड सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किया, 23 पर CID जांच
✍️ The Hindu
🗓 19 अग. 2026, 02:03 PM
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झारखंड सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का आदेश दिया, अनियमितताओं के कारण, और 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के लिए CID को भेजा।
झारखंड राज्य सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का आदेश दिया, क्योंकि इन परीक्षाओं में प्रक्रियात्मक अनियमितताएँ पाई गईं। यह कदम राज्य के विभिन्न पदों के चयन में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रद्दीकरण के साथ ही, अधिसूचना में 23 अन्य आगामी परीक्षाओं की जांच के लिए अपराध जांच विभाग (CID) को आदेश दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि CID इन परीक्षाओं की कार्यवाही, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और संभावित धोखाधड़ी की जाँच करेगा।
इस निर्णय से उन हजारों अभ्यर्थियों पर असर पड़ेगा जिन्होंने इन पदों के लिए आवेदन किया था; सरकार ने उन्हें आगे के निर्देशों का इंतजार करने को कहा है, जिसमें पुनः परीक्षा या वैकल्पिक चयन प्रक्रिया शामिल हो सकती है।
रद्दीकरण के कारणों के विस्तृत विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, परन्तु सरकार ने कहा कि यह कदम भर्ती नियमों में किसी भी प्रकार की चूक को रोकने के लिए लिया गया है।
CID की जांच के परिणाम आने वाले हफ्तों में अपेक्षित हैं, जिसके बाद सरकार यह तय करेगी कि शेष परीक्षाओं को पुनः निर्धारित किया जाए या अतिरिक्त सुधारात्मक कदम उठाए जाएँ।
रद्दीकरण के साथ ही, अधिसूचना में 23 अन्य आगामी परीक्षाओं की जांच के लिए अपराध जांच विभाग (CID) को आदेश दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि CID इन परीक्षाओं की कार्यवाही, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और संभावित धोखाधड़ी की जाँच करेगा।
इस निर्णय से उन हजारों अभ्यर्थियों पर असर पड़ेगा जिन्होंने इन पदों के लिए आवेदन किया था; सरकार ने उन्हें आगे के निर्देशों का इंतजार करने को कहा है, जिसमें पुनः परीक्षा या वैकल्पिक चयन प्रक्रिया शामिल हो सकती है।
रद्दीकरण के कारणों के विस्तृत विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, परन्तु सरकार ने कहा कि यह कदम भर्ती नियमों में किसी भी प्रकार की चूक को रोकने के लिए लिया गया है।
CID की जांच के परिणाम आने वाले हफ्तों में अपेक्षित हैं, जिसके बाद सरकार यह तय करेगी कि शेष परीक्षाओं को पुनः निर्धारित किया जाए या अतिरिक्त सुधारात्मक कदम उठाए जाएँ।