📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / JAIBHIM5
राजनीति
झारखंड ने कहा अंबेडकर जयंती स्कूल मीटिंग का उद्देश्य लोकसभा चुनावों को प्रभावित करना नहीं था
✍️ Live Law
🗓 22 अग. 2026, 08:38 AM
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झारखंड के अधिकारियों ने कहा कि अंबेडकर जयंती पर स्कूल में आयोजित सभा का उद्देश्य आगामी लोकसभा चुनावों को प्रभावित करना नहीं था।
अंबेडकर जयंती के अवसर पर झारखंड के एक स्कूल में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की स्मृति में सभा आयोजित की गई। यह कार्यक्रम लोकसभा चुनावी अभियान के अंतिम चरण में हुआ, जिससे कुछ राजनीतिक विश्लेषकों को यह चिंता हुई कि यह मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल हो सकता है।
झारखंड के चुनाव अधिकारी, जिन्हें Live Law ने उद्धृत किया, ने कहा कि यह सभा केवल सांस्कृतिक और शैक्षणिक उद्देश्य से आयोजित की गई थी और इसका चुनावी परिणाम पर कोई असर डालने का इरादा नहीं था। उन्होंने बताया कि स्कूल की सुविधाओं का उपयोग उचित अनुमति के साथ किया गया और कार्यक्रम सामान्य सार्वजनिक समारोहों के नियमों के अनुसार चलाया गया।
यह स्पष्टिकरण इस समय आया है जब चुनाव आयोग पारितोषिक संस्थानों के उपयोग पर कड़ी नजर रख रहा है, क्योंकि संसद के चुनाव उच्च दांव पर होते हैं। जबकि राजनीतिक दल अक्सर रैलियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं, अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता बरती है कि ऐसे कार्यक्रमों को अनुचित राजनीतिक प्रभाव के साधन न बनाया जाए।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि जब तक कोई ठोस सबूत नहीं दिखता कि इस सभा और चुनावी गतिविधियों के बीच सीधा संबंध है, यह सभा चुनावी कोड का उल्लंघन नहीं मानती। इसलिए राज्य सरकार ने अंबेडकर जयंती के इस कार्यक्रम से जुड़े किसी भी चुनावी दुरुपयोग के आरोपों को खारिज कर दिया है।
झारखंड के चुनाव अधिकारी, जिन्हें Live Law ने उद्धृत किया, ने कहा कि यह सभा केवल सांस्कृतिक और शैक्षणिक उद्देश्य से आयोजित की गई थी और इसका चुनावी परिणाम पर कोई असर डालने का इरादा नहीं था। उन्होंने बताया कि स्कूल की सुविधाओं का उपयोग उचित अनुमति के साथ किया गया और कार्यक्रम सामान्य सार्वजनिक समारोहों के नियमों के अनुसार चलाया गया।
यह स्पष्टिकरण इस समय आया है जब चुनाव आयोग पारितोषिक संस्थानों के उपयोग पर कड़ी नजर रख रहा है, क्योंकि संसद के चुनाव उच्च दांव पर होते हैं। जबकि राजनीतिक दल अक्सर रैलियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं, अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता बरती है कि ऐसे कार्यक्रमों को अनुचित राजनीतिक प्रभाव के साधन न बनाया जाए।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि जब तक कोई ठोस सबूत नहीं दिखता कि इस सभा और चुनावी गतिविधियों के बीच सीधा संबंध है, यह सभा चुनावी कोड का उल्लंघन नहीं मानती। इसलिए राज्य सरकार ने अंबेडकर जयंती के इस कार्यक्रम से जुड़े किसी भी चुनावी दुरुपयोग के आरोपों को खारिज कर दिया है।