📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Saurabh73
शिक्षा
झारखंड ने स्कूल प्रबंधन समिति के नियम बदले: पैनल का आकार नामांकन पर निर्भर
✍️ The Times of India
🗓 20 जुल. 2026, 05:48 PM
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झारखंड ने स्कूल प्रबंधन समिति के नियमों में बदलाव किया, जिससे पैनल का आकार नामांकन पर निर्भर होगा।
झारखंड के शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के लिए नई दिशा-निर्देश जारी किये हैं, जिसमें पैनल के सदस्यों की संख्या स्कूल के नामांकन पर निर्भर करेगी। इस बदलाव के तहत, पूर्व के स्थिर आकार के मॉडल को बदलकर एक लचीला ढाँचा अपनाया गया है जो नामांकन के आधार पर भिन्न होगा।
नए नियमों के अनुसार, स्कूलों को अपनी समिति का आकार नामांकन आँकड़ों के आधार पर तय करना होगा, हालांकि विभिन्न छात्र संख्या श्रेणियों के लिए विशिष्ट थ्रेशोल्ड अभी तक प्रकाशित नहीं किये गये हैं। इस कदम का उद्देश्य बड़े स्कूलों को अधिक प्रतिनिधित्व देना और छोटे संस्थानों के लिए प्रबंधनीय समिति आकार सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों का कहना है कि यह परिवर्तन आधार स्तर पर जवाबदेही और उत्तरदायित्व को बढ़ाएगा, जिससे माता‑पिता, शिक्षक और स्थानीय हितधारक अपनी स्कूल समुदाय के अनुरूप आवाज़ बना सकें। दिशा-निर्देशों में नामांकन परिवर्तन के अनुसार समिति के गठन की नियमित समीक्षा और समायोजन की प्रक्रियाएँ भी शामिल हैं।
यह संशोधन राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा अनुमोदित किया गया है और आने वाले शैक्षणिक वर्ष में सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू किया जाएगा। स्कूल प्रशासकों को अपनी SMC संरचनाओं को अपडेट करना होगा और संशोधित नामांकन‑आधारित संरचना को जिला शिक्षा कार्यालयों में जमा करना होगा।
हितधारकों ने इस बदलाव का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि यह छात्रों और माता‑पिता की जरूरतों के अनुरूप समिति प्रतिनिधित्व को अधिक सटीक बनाता है और स्कूल मामलों के बेहतर प्रबंधन में सहायक हो सकता है।
नए नियमों के अनुसार, स्कूलों को अपनी समिति का आकार नामांकन आँकड़ों के आधार पर तय करना होगा, हालांकि विभिन्न छात्र संख्या श्रेणियों के लिए विशिष्ट थ्रेशोल्ड अभी तक प्रकाशित नहीं किये गये हैं। इस कदम का उद्देश्य बड़े स्कूलों को अधिक प्रतिनिधित्व देना और छोटे संस्थानों के लिए प्रबंधनीय समिति आकार सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों का कहना है कि यह परिवर्तन आधार स्तर पर जवाबदेही और उत्तरदायित्व को बढ़ाएगा, जिससे माता‑पिता, शिक्षक और स्थानीय हितधारक अपनी स्कूल समुदाय के अनुरूप आवाज़ बना सकें। दिशा-निर्देशों में नामांकन परिवर्तन के अनुसार समिति के गठन की नियमित समीक्षा और समायोजन की प्रक्रियाएँ भी शामिल हैं।
यह संशोधन राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा अनुमोदित किया गया है और आने वाले शैक्षणिक वर्ष में सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू किया जाएगा। स्कूल प्रशासकों को अपनी SMC संरचनाओं को अपडेट करना होगा और संशोधित नामांकन‑आधारित संरचना को जिला शिक्षा कार्यालयों में जमा करना होगा।
हितधारकों ने इस बदलाव का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि यह छात्रों और माता‑पिता की जरूरतों के अनुरूप समिति प्रतिनिधित्व को अधिक सटीक बनाता है और स्कूल मामलों के बेहतर प्रबंधन में सहायक हो सकता है।