📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arjuncm3
बिज़नेस
जेडीए ने 13,254 बकायादारों को नोटिस, 1006 करोड़ वसूली का बड़ा कदम
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 25 सित. 2026, 04:15 PM
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जेडीए ने 13,254 बकायादारों को नोटिस जारी कर नया नक्शा मंजूर नहीं करने की चेतावनी दी, कुल 1006 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य रखा गया है।
जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने राजस्थान में लीज‑मनी बकायादारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का एलान किया है। नई दिशा-निर्देश के तहत, बकाया भुगतान न करने वाले किसी भी पक्ष को नया लेआउट प्लान मंजूर नहीं किया जाएगा जब तक वह पूरी राशि नहीं चुका देता।
पहले चरण में JDA ने 13,254 आधिकारिक नोटिस बकायादारों को जारी किए हैं। इन नोटिसों में स्पष्ट किया गया है कि बकाया साफ़ होने तक नई प्लॉट या लेआउट की कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्राधिकरण का अनुमान है कि कुल बकाया लगभग 1006 करोड़ रुपये है। JDA के अधिकारियों ने बताया कि इस वसूली अभियान का लक्ष्य इस वर्ष के वित्तीय वर्ष के भीतर बकाया साफ़ करना है, जिससे चल रहे बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की गति बनी रहे।
एक वरिष्ठ JDA प्रवक्ता ने कहा कि यह कदम डेवलपर्स में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने और वास्तविक खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक है। बकाया भुगतान से संबंधित प्रश्नों के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन भी स्थापित की गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस कड़ी कार्रवाई से राज्य की शहरी विकास पहलों के लिए राजस्व प्रवाह मजबूत होगा, खासकर जब राजस्थान आवास और वाणिज्यिक परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाने की योजना बना रहा है।
पहले चरण में JDA ने 13,254 आधिकारिक नोटिस बकायादारों को जारी किए हैं। इन नोटिसों में स्पष्ट किया गया है कि बकाया साफ़ होने तक नई प्लॉट या लेआउट की कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्राधिकरण का अनुमान है कि कुल बकाया लगभग 1006 करोड़ रुपये है। JDA के अधिकारियों ने बताया कि इस वसूली अभियान का लक्ष्य इस वर्ष के वित्तीय वर्ष के भीतर बकाया साफ़ करना है, जिससे चल रहे बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की गति बनी रहे।
एक वरिष्ठ JDA प्रवक्ता ने कहा कि यह कदम डेवलपर्स में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने और वास्तविक खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक है। बकाया भुगतान से संबंधित प्रश्नों के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन भी स्थापित की गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस कड़ी कार्रवाई से राज्य की शहरी विकास पहलों के लिए राजस्व प्रवाह मजबूत होगा, खासकर जब राजस्थान आवास और वाणिज्यिक परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाने की योजना बना रहा है।