अपराध
जयपुर में डॉ. राकेश कुमार यादव गिरफ्तार, 100 से अधिक संदिग्धों की जांच जारी!
डॉक्टर जैसे जिम्मेदार पेशे में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
राजस्थान में फर्जी डॉक्टरों पर SOG का बड़ा एक्शन! 22 लाख रुपए देकर खरीदा MBBS का फर्जी सर्टिफिकेट!
जयपुर में डॉ. राकेश कुमार यादव गिरफ्तार, 100 से अधिक संदिग्धों की जांच जारी!
राजस्थान में फर्जी FMGE सर्टिफिकेट मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। जांच के अनुसार, ताजिकिस्तान से MBBS करने के बाद भारत लौटे डॉ. राकेश कुमार यादव ने FMGE परीक्षा पास नहीं की थी। आरोप है कि उसने दलालों के जरिए 22 लाख रुपए देकर फर्जी पासिंग सर्टिफिकेट हासिल किया।
जांच में सामने आईं बड़ी बातें:
🔹 आरोपी वर्ष 2022 में भारत लौटा था।
🔹 अलवर और दौसा के दलालों से संपर्क करने का आरोप।
🔹 फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया।
🔹 इस मामले में एक दलाल पहले ही गिरफ्तार हो चुका है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
SOG के अनुसार, इस प्रकरण में अब तक 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 100 से अधिक संदिग्धों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
ADG विशाल बंसल के निर्देशन में जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस फर्जीवाड़े में अन्य लोग या कोई कर्मचारी शामिल था या नहीं।
डॉक्टर जैसे जिम्मेदार पेशे में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
जयपुर में डॉ. राकेश कुमार यादव गिरफ्तार, 100 से अधिक संदिग्धों की जांच जारी!
राजस्थान में फर्जी FMGE सर्टिफिकेट मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। जांच के अनुसार, ताजिकिस्तान से MBBS करने के बाद भारत लौटे डॉ. राकेश कुमार यादव ने FMGE परीक्षा पास नहीं की थी। आरोप है कि उसने दलालों के जरिए 22 लाख रुपए देकर फर्जी पासिंग सर्टिफिकेट हासिल किया।
जांच में सामने आईं बड़ी बातें:
🔹 आरोपी वर्ष 2022 में भारत लौटा था।
🔹 अलवर और दौसा के दलालों से संपर्क करने का आरोप।
🔹 फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया।
🔹 इस मामले में एक दलाल पहले ही गिरफ्तार हो चुका है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
SOG के अनुसार, इस प्रकरण में अब तक 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 100 से अधिक संदिग्धों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
ADG विशाल बंसल के निर्देशन में जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस फर्जीवाड़े में अन्य लोग या कोई कर्मचारी शामिल था या नहीं।
डॉक्टर जैसे जिम्मेदार पेशे में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।