📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Fotokannan at Malayalam Wikipedia
मनोरंजन
जावेद अख्तर ने भारतीय संगीत पर पश्चिमी प्रभाव को ‘शर्मनाक’ कहा
✍️ Hindustan Times
🗓 22 अग. 2026, 11:38 AM
👁 6
कवि‑गीतकार जावेद अख्तर ने भारतीय संगीत पर बढ़ते पश्चिमी प्रभाव को ‘शर्मनाक’ कहा, देशी ध्वनियों की वापसी की मांग की।
कवी, गीतकार और सांस्कृतिक विश्लेषक जावेद अख्तर ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि आज के भारतीय संगीत में बढ़ते पश्चिमी तत्व ‘शर्मनाक’ हैं।
उन्होंने कहा कि विदेशी शैलियों और उत्पादन तकनीकों पर अत्यधिक निर्भरता हमारे समृद्ध संगीत विरासत को कमजोर करती है और युवा कलाकारों को देशी राग व लोक परम्पराओं की खोज से दूर करती है।
अख्तर ने संगीतकारों, संगीत निर्माताओं और उद्योग के सभी पक्षों से देशी ध्वनियों को पुनर्जीवित करने और मूलत्व को प्राथमिकता देने का आग्रह किया, जिससे भारतीय संगीत की विशिष्ट पहचान फिर से स्थापित हो सके।
उन्होंने कहा कि विदेशी शैलियों और उत्पादन तकनीकों पर अत्यधिक निर्भरता हमारे समृद्ध संगीत विरासत को कमजोर करती है और युवा कलाकारों को देशी राग व लोक परम्पराओं की खोज से दूर करती है।
अख्तर ने संगीतकारों, संगीत निर्माताओं और उद्योग के सभी पक्षों से देशी ध्वनियों को पुनर्जीवित करने और मूलत्व को प्राथमिकता देने का आग्रह किया, जिससे भारतीय संगीत की विशिष्ट पहचान फिर से स्थापित हो सके।