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08 नव. 2026•
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जनता फरियाद लेकर भटके, तहसील अमेठी में जनसुनवाई व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

✍️ रिपोर्टर: ashif 🗓 08 नव. 2026, 06:20 PM 👁 14
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सुबह 11:30 बजे तक तहसीलदार की कुर्सी खाली, SDM भी नदारद! जनता फरियाद लेकर भटके, तहसील अमेठी में जनसुनवाई व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

अमेठी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अधिकारियों को जनसुनवाई में समय से उपस्थित रहने और आम जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के सख्त निर्देश दे रहे हैं, लेकिन तहसील अमेठी में इन निर्देशों का कितना पालन हो रहा है, इसकी तस्वीर मंगलवार को कुछ और ही बयां करती नजर आई।

सुबह करीब 11:30 बजे तक तहसीलदार अमेठी अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। वहीं, उपजिलाधिकारी (SDM) अमेठी भी मौके पर मौजूद नहीं दिखाई दिए। अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर तहसील पहुंचे फरियादी अधिकारियों का इंतजार करते नजर आए। जनता को यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर अपनी फरियाद लेकर जाएं तो जाएं कहां?

स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसीलदार नियमित रूप से जनसुनवाई नहीं करते हैं। यदि इन शिकायतों में सच्चाई है तो यह बेहद गंभीर विषय है। सवाल यह है कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही निर्धारित समय पर कार्यालय में उपलब्ध नहीं होंगे तो आम जनता की समस्याओं का समाधान आखिर कौन करेगा?

एक तरफ मुख्यमंत्री जनसुनवाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की कथित गैरमौजूदगी शासन की मंशा पर पानी फेरती नजर आ रही है। ऐसे रवैये से न केवल फरियादियों को परेशानी होती है, बल्कि सरकार की जनकल्याणकारी छवि को भी नुकसान पहुंचता है।

अब सबसे बड़ा सवाल—

- क्या तहसील अमेठी में अधिकारियों के लिए समय से कार्यालय पहुंचने का कोई नियम नहीं है?
- फरियादियों को घंटों इंतजार कराने की जिम्मेदारी कौन लेगा?
- क्या जिलाधिकारी अमेठी इस मामले का संज्ञान लेकर औचक निरीक्षण कराएंगे?
- क्या जनसुनवाई के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति हो रही है?

मुख्यमंत्री जी के सख्त निर्देशों के बावजूद यदि अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी के प्रति लापरवाह रहेंगे तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा?

जिलाधिकारी अमेठी से मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाए और तहसील में नियमित जनसुनवाई सुनिश्चित कराई जाए।
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