📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jebulon
स्वास्थ्य
प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप से जम्मू-कश्मीर को दो एआईआईएमएस अस्पताल मिलेंगे
✍️ Daily Excelsior
🗓 08 नव. 2026, 05:11 AM
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जम्मू-कश्मीर यूटी को दो एआईआईएमएस अस्पतालों से सुसज्जित किया जाएगा, यह विकास प्रधानमंत्री के प्रत्यक्ष हस्तक्षेप से संभव हुआ, डॉ. जितेंद्र ने कहा।
जम्मू-कश्मीर यूटी अब भारत का एकमात्र ऐसा क्षेत्र बन जाएगा जहाँ दो एआईआईएमएस (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) स्थापित होंगे। डॉ. जितेंद्र के अनुसार, प्रधानमंत्री के प्रत्यक्ष हस्तक्षेप के बाद यह निर्णय लिया गया।
यह कदम उत्तर‑पूर्वी भारत में स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है, जिससे स्थानीय जनसंख्या को उन्नत तृतीयक देखभाल और मेडिकल शिक्षा उपलब्ध होगी। अधिकारियों का अनुमान है कि पहला एआईआईएमएस कैंपस अगले कुछ वर्षों में कार्यशील हो जाएगा, उसके बाद दूसरा जल्द ही शुरू होगा।
हितधारकों का मानना है कि दो एआईआईएमएस की स्थापना न केवल रोगियों के इलाज में सुधार करेगी, बल्कि अनुसंधान क्षमताओं को भी बढ़ाएगी, जो असमान क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के सरकारी प्रयासों के साथ संगत है।
यह घोषणा क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं के अंतर को कम करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है और संबंधित स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्रों में अतिरिक्त निवेश को आकर्षित करने की संभावना है।
स्थानीय अधिकारियों ने इस विकास का स्वागत किया है, यह बताते हुए कि नई संस्थाएँ रोजगार के अवसर पैदा करेंगी और जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य पेशेवरों के कौशल विकास को प्रोत्साहित करेंगी।
यह कदम उत्तर‑पूर्वी भारत में स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है, जिससे स्थानीय जनसंख्या को उन्नत तृतीयक देखभाल और मेडिकल शिक्षा उपलब्ध होगी। अधिकारियों का अनुमान है कि पहला एआईआईएमएस कैंपस अगले कुछ वर्षों में कार्यशील हो जाएगा, उसके बाद दूसरा जल्द ही शुरू होगा।
हितधारकों का मानना है कि दो एआईआईएमएस की स्थापना न केवल रोगियों के इलाज में सुधार करेगी, बल्कि अनुसंधान क्षमताओं को भी बढ़ाएगी, जो असमान क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के सरकारी प्रयासों के साथ संगत है।
यह घोषणा क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं के अंतर को कम करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है और संबंधित स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्रों में अतिरिक्त निवेश को आकर्षित करने की संभावना है।
स्थानीय अधिकारियों ने इस विकास का स्वागत किया है, यह बताते हुए कि नई संस्थाएँ रोजगार के अवसर पैदा करेंगी और जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य पेशेवरों के कौशल विकास को प्रोत्साहित करेंगी।