Local
जालंधर में महिला उद्यमियों का संवाद कार्यक्रम: स्वदेशी उत्पादों से मिली प्रेरणा
जालंधर में लघु उद्योग भारती महिला इकाई–पंजाब द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महिला उद्यमियों ने स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल्स पर आत्मविश्वास और उद्यमशीलता का प्रदर्शन किया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी की नारी शक्ति योजनाओं के तहत 57 करोड़ से अधिक ऋणों का दो-तिहाई हिस्सा महिलाओं को मिला।
जालंधर (पंजाब) में 'लघु उद्योग भारती महिला इकाई–पंजाब' द्वारा आयोजित महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, नवाचारकर्ताओं एवं महिला व्यापारियों के संवाद कार्यक्रम में श्रीमती सीमा धूमल जी, श्रीमती अमरदीप शेरगिल जी, श्रीमती आरती सचदेवा जी, श्रीमती रमनप्रीत जी एवं पंजाब भर से आईं नारी शक्ति के साथ सहभागिता की।
स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल्स पर महिलाओं के आत्मविश्वास, स्वावलंबन और उद्यमशीलता की एक अत्यंत प्रेरक झलक देखने को मिली।
खेल से लेकर रक्षा तक और शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक आज नारी शक्ति हर क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित कर रही है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में प्रारंभ हुई 'कन्या केळवणी' जैसी दूरदर्शी पहल से लेकर 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ', 'मुद्रा योजना', 'लखपति दीदी' और ऐतिहासिक 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' तक, महिला सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण के केंद्र में रखने का संकल्प निरंतर आगे बढ़ा है, जिसके लिए उपस्थित नारी शक्ति ने स्टेंडिंग ओवेशन से अपनी सहर्ष कृतज्ञता व्यक्त की। आज प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत दिए गए कुल 57 करोड़ से अधिक के ऋण खातों में से लगभग दो-तिहाई ऋण सीधे महिला उद्यमियों को मिले हैं, जो उनके बढ़ते आर्थिक स्वावलंबन और जमीनी वित्तीय समावेशन का जीता-जागता प्रमाण है।
महिलाओं ने हमेशा से अपने परिवारों को सशक्त बनाया है; अब उनके नेतृत्व, प्रतिभा और उद्यमशीलता को देश की अर्थव्यवस्था की नई ऊर्जा बनना है। पंजाब की इन आत्मनिर्भर महिला उद्यमियों का साझा संदेश बिल्कुल स्पष्ट है - “परिवर्तन से ही विकास संभव है।” व्यापार-अनुकूल, सरल, पारदर्शी और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने वाला सुरक्षित वातावरण ही पंजाब की आर्थिक प्रगति को एक नई गति और दिशा देगा!
स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल्स पर महिलाओं के आत्मविश्वास, स्वावलंबन और उद्यमशीलता की एक अत्यंत प्रेरक झलक देखने को मिली।
खेल से लेकर रक्षा तक और शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक आज नारी शक्ति हर क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित कर रही है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में प्रारंभ हुई 'कन्या केळवणी' जैसी दूरदर्शी पहल से लेकर 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ', 'मुद्रा योजना', 'लखपति दीदी' और ऐतिहासिक 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' तक, महिला सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण के केंद्र में रखने का संकल्प निरंतर आगे बढ़ा है, जिसके लिए उपस्थित नारी शक्ति ने स्टेंडिंग ओवेशन से अपनी सहर्ष कृतज्ञता व्यक्त की। आज प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत दिए गए कुल 57 करोड़ से अधिक के ऋण खातों में से लगभग दो-तिहाई ऋण सीधे महिला उद्यमियों को मिले हैं, जो उनके बढ़ते आर्थिक स्वावलंबन और जमीनी वित्तीय समावेशन का जीता-जागता प्रमाण है।
महिलाओं ने हमेशा से अपने परिवारों को सशक्त बनाया है; अब उनके नेतृत्व, प्रतिभा और उद्यमशीलता को देश की अर्थव्यवस्था की नई ऊर्जा बनना है। पंजाब की इन आत्मनिर्भर महिला उद्यमियों का साझा संदेश बिल्कुल स्पष्ट है - “परिवर्तन से ही विकास संभव है।” व्यापार-अनुकूल, सरल, पारदर्शी और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने वाला सुरक्षित वातावरण ही पंजाब की आर्थिक प्रगति को एक नई गति और दिशा देगा!