कृषि
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने मंडी समिति स्थित केंद्र पर किया खरीफ 2026-27 धान खरीद का शुभारंभ
जनपद में 37 क्रय केंद्रों पर धान खरीद की प्रक्रिया का शुभारंभ जिलाधिकारी ने किया। अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के दिए निर्देश।
जनपद में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीद की प्रक्रिया का शुभारंभ 02 नवंबर 2026 को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा मंडी समिति स्थित धान क्रय केंद्र पर किया गया। जिलाधिकारी ने विधि-विधान के साथ तौल मशीन का पूजन कर धान खरीद का शुभारंभ किया तथा क्रय केंद्र पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने धान विक्रय के लिए क्रय केंद्र पर पहुंचे कृषक का माला पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर स्वागत किया और किसानों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं से अवगत हुए।
जनपद में धान खरीद को सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कुल 37 धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें खाद्य विभाग के 13, पीसीएफ के 10, यूपीएसएस के 13 तथा भारतीय खाद्य निगम का 01 क्रय केंद्र शामिल है। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद के अधिक से अधिक कृषकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी 37 क्रय केंद्रों पर धान खरीद की प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई जाए, जिससे कृषकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने धान की नमी मापने की प्रक्रिया एवं तौल व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि धान की नमी एवं गुणवत्ता की जांच निर्धारित मानकों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से की जाए और तौल प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, ताकि किसानों की उपज की सही तौल सुनिश्चित हो। साथ ही, किसानों को धान खरीद के मानकों एवं आवश्यक प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने क्रय केंद्र प्रभारी को निर्देशित किया कि धान खरीद के दौरान बोरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और किसानों की सुविधा के लिए सुव्यवस्थित टोकन व्यवस्था लागू की जाए, जिससे अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। उन्होंने पेयजल, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई, छाया तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। अंत में, जिलाधिकारी ने कृषकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में सरकारी धान क्रय केंद्रों पर पहुंचकर अपनी उपज का विक्रय करें, जिससे वे शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (सामान्य धान ₹2441 प्रति कुंतल और ग्रेड-ए धान ₹2461 प्रति कुंतल) का लाभ प्राप्त कर सकें।
जनपद में धान खरीद को सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कुल 37 धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें खाद्य विभाग के 13, पीसीएफ के 10, यूपीएसएस के 13 तथा भारतीय खाद्य निगम का 01 क्रय केंद्र शामिल है। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद के अधिक से अधिक कृषकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी 37 क्रय केंद्रों पर धान खरीद की प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई जाए, जिससे कृषकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने धान की नमी मापने की प्रक्रिया एवं तौल व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि धान की नमी एवं गुणवत्ता की जांच निर्धारित मानकों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से की जाए और तौल प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, ताकि किसानों की उपज की सही तौल सुनिश्चित हो। साथ ही, किसानों को धान खरीद के मानकों एवं आवश्यक प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने क्रय केंद्र प्रभारी को निर्देशित किया कि धान खरीद के दौरान बोरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और किसानों की सुविधा के लिए सुव्यवस्थित टोकन व्यवस्था लागू की जाए, जिससे अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। उन्होंने पेयजल, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई, छाया तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। अंत में, जिलाधिकारी ने कृषकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में सरकारी धान क्रय केंद्रों पर पहुंचकर अपनी उपज का विक्रय करें, जिससे वे शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (सामान्य धान ₹2441 प्रति कुंतल और ग्रेड-ए धान ₹2461 प्रति कुंतल) का लाभ प्राप्त कर सकें।